PM Kisan 19th Installment: किसानों को बड़ी राहत, बजट में बढ़ोतरी के साथ आर्थिक मदद में इजाफा

 
PM Kisan 19th Installment: किसानों को बड़ी राहत, बजट में बढ़ोतरी के साथ आर्थिक मदद में इजाफा


PM Kisan Yojana 2025: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को और अधिक आर्थिक सहारा देने के लिए केंद्रीय बजट 2025 में इस योजना के लिए आवंटित राशि को बढ़ाकर 63,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में 60,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। इस बार PM-KISAN योजना के लिए 5.8% की वृद्धि की गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों की आमदनी और किसानों की खरीदारी क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता

PM-KISAN योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम हर चार महीने में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है।

किन किसानों को मिलेगा इस योजना का लाभ?

 इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके पास कृषि योग्य जमीन है और जिसका रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है।
 इसमें छोटे और सीमांत किसानों के साथ अन्य भूमिधारक किसानों को भी शामिल किया गया है।
 इस योजना के लिए कोई आयु सीमा नहीं रखी गई है, जिससे लाखों किसान परिवारों को इसका फायदा मिल रहा है।

अब तक कितना पैसा किसानों तक पहुंचा?

🔹 अक्टूबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-KISAN योजना की 18वीं किस्त जारी की, जिसमें करीब 9.4 करोड़ किसानों को 20,000 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
🔹 अब तक इस योजना के तहत 3.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को सीधा लाभ देने के लिए ट्रांसफर की जा चुकी है।

PM-KISAN योजना से किसानों को फायदा

 किसानों को खेती के लिए आवश्यक साधन खरीदने में मदद मिलेगी।
 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
 छोटे और सीमांत किसानों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए वित्तीय सहारा मिलेगा।

सरकार का कदम किसानों के लिए फायदेमंद

सरकार द्वारा PM-KISAN योजना के बजट में वृद्धि करने से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। इस फैसले से कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जामिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। इस योजना का लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि क्षेत्र को सशक्त करना है।