महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए 'महिला समर्थ संस्थान पुरस्कारदिए जाएंगे 

 
महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए 'महिला समर्थ संस्थान पुरस्कार' दिए जाएंगे 

 चंडीगढ़, 2 सितंबर - हरियाणा सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने राज्य में महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी कार्यस्थल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 'महिला समर्थ संस्थान पुरस्कार' पहल शुरू की है। 

 एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों को जेंडर-संवेदनशील बनाना, पॉश (POSH) अधिनियम (2013) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना, रोजगार और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना तथा बाल देखभाल, लचीली कार्य शैली और शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। 

उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय पहचान और प्रोत्साहन योजना के लिए कुल 23.75 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसके तहत 5 विभिन्न श्रेणियों में कुल 25 पुरस्कार दिए जाएंगे। इन 5 श्रेणियों में सरकारी विभाग/बोर्ड/निगम/आयोग व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्वायत्त निकाय/निजी कंपनियां, औद्योगिक इकाइयां, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME), शिक्षण संस्थान/अस्पताल/सेवा क्षेत्र के प्रतिष्ठान तथा गैर-सरकारी संगठन (NGOs) शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी के लिए 4.75 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है और हर श्रेणी में 5-5 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 

सरकार ने इच्छुक एवं पात्र संस्थानों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 सितंबर, 2026 निर्धारित की गई है। 

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि केवल आधिकारिक पोर्टल https://wcdhry.gov.in/ के माध्यम से उपलब्ध पोर्टल' पर ही ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। डाक, कूरियर या ऑफलाइन माध्यम से भेजे गए आवेदन मान्य नहीं होंगे तथा अधूरे या गलत प्रारूप में जमा किए गए आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर फॉर्म, मूल्यांकन ढांचा, पात्रता मानदंड, दिशा-निर्देश और नियम व शर्तें उपलब्ध हैं।