कॉम्रवेल्थ खेलों में पदक विजेता खिलाडिय़ों की डीसी साहिल गुप्ता ने अपनी निवास पर की मेजबानी
- डीसी ने अपने निवास स्थान पर भिवानी के पदक विजेता खिलाडिय़ों को दिया प्रीति भोज
- डीसी साहिल गुप्ता ने अपनी मां प्रोमिला अग्रवाल के हाथों से करवाया होनहार बेटियों का सम्मान
- कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार और खिलाडिय़ों के परिजन भी रहे मौजूद
- भिवानी की बेटियों ने विश्व में किया भारत देश का नाम रोशन: डीसी साहिल गुप्ता
भिवानी, 7 अगस्त। स्कॉटलेंड के ग्लासगो शहर में हाल ही संपन्न हुए कॉम्रवेल्थ खेलों में पदक जीतकर भारत का नाम दुनिया में रोशन करने वाले खिलाडिय़ों की डीसी साहिल गुप्ता ने शुक्रवार को अपने निवास स्थान पर मेजबानी की। डीसी ने खिलाडिय़ों को दोपहर का प्रीति भोज दिया। डीसी के स्नेहिल निमंत्रण पर राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भिवानी शहर से जैस्मिन लाम्बोरिया, गांव बडेसरा से प्रीति पवार, गांव धनाना निवासी साक्षी ढांडा तथा प्रिया घणघस डीसी निवास पर पहुंची, जहां उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार व खिलाडिय़ों के परिजन भी मौजूद रहे। डीसी ने अपनी मां प्रोमिला अग्रवाल के हाथों भी होनहार बेटियों को सम्मानित करवाया। कार्यक्रम में एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, एसडीएम भिवानी महेश कुमार, नगराधीश अनिल कुमार,एसडीएम सिवानी विजया मलिक, डीडीपीओ सोमबीर कादयान व सीएमजीजीए रिषव रंजन भी मौजूद रहे।
प्रीति भोज के दौरान डीसी ने जैस्मिन लाम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी तथा प्रिया घणघस से उनकी सफलता पर बधाई और भविष्य की शुभकामनाएं दी। डीसी ने कहा कि भिवानी की बेटियों ने दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है। आज पूरी दुनिया में भिवानी का नाम है, जहां से सबसे अधिक पदक खिलाडिय़ों ने जीते हैं। उन्होंने कहा कि भिवानी को मिनी क्यूबा भी इसीलिए कहा जाता है, आज लोग मिनी क्यूबा को भूल गए हैं, लोगों की जुबां पर भिवानी का नाम आता है। उन्होंने कहा कि भिवानी का खेलों में अपना एक विशेष नाम है, इसके पीछे खिलाडिय़ों की मेहनत के साथ-साथ उनके माता-पिता की प्रेरणा भी है।
डीसी ने कहा कि यह बड़े ही गर्व की बात है, गांव धनाना से बेटियों ने एक नहीं बल्कि दो-दो स्वर्ण पदक देश को दिलाए हैं। यहां की बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि लड़कियां कोई भी मुकाम हासिल कर सकती हैं। मेहनत के आगे दुनिया बड़ी नहीं, बल्कि बहुत छोटी है।
वहीं दूसरी ओर जैस्मिन लाम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी ढांडा तथा प्रिया घणघस ने कहा कि उनको मिले सम्मान से उनका हौसला और अधिक बढ़ा है। उन्होंने अपने प्रशिक्षकों, परिवारजनों और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
इस दौरान साक्षी के पापा मनोज कुमार, प्रिया के पापा महेंद्र, ताऊ रणबीर प्रधान, चाचा पवन घणघस, प्रीति के पापा सोमबीर व मां सालीन देवी, जैस्मीन के कोच संदीप व प्रविंद्र कुमार, रमेश शास्त्री, रामकिशन व सुखबीर बडेसरा आदि खिलाडिय़ों के परिजन मौजूद रहे।
