बाल गृह से युवती को रिहा करवाने के नाम पर मांगी थी 42 हजार रुपये की रिश्वत

 
 बाल गृह से युवती को रिहा करवाने के नाम पर मांगी थी 42 हजार रुपये की रिश्वत

5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए SV&ACB फरीदाबाद ने किया था रंगे हाथों गिरफ्तार

जिला एवं सत्र न्यायालय, पलवल में दाखिल किया गया चालान

फरीदाबाद, 12 अक्टूबर। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB), फरीदाबाद ने भ्रष्टाचार के एक मामले में बाल कल्याण समिति (CWC), जिला पलवल के सदस्य विक्रम वशिष्ट के विरुद्ध माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय, पलवल में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा धारा 13(1)(बी) सहपठित धारा 13(2) के तहत चालान पेश किया गया है।

बाल गृह से युवती को रिहा करवाने के नाम पर मांगी रिश्वत

मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 23 जनवरी 2026 को SV&ACB, फरीदाबाद में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसका आसमा नामक युवती के साथ प्रेम संबंध था। युवती के परिजन इस रिश्ते से नाराज थे। युवती की उम्र कम होने के कारण उसे बाल गृह, बधौला, पलवल में रखा गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, युवती के बालिग होने के बाद वह उसे बाल गृह से रिहा करवाने के लिए कई बार गया।

42 हजार रुपये में तय हुआ था रिश्वत का सौदा
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाल कल्याण समिति के सदस्य विक्रम वशिष्ट ने युवती को रिहा करवाने के बदले 40 से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बातचीत के बाद 42 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। आरोप है कि आरोपी पहले ही 32 हजार रुपये ले चुका था और शेष 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इसी राशि में से 5 हजार रुपये लेने के लिए उसने शिकायतकर्ता को बुलाया था।

-SV&ACB ने 5 हजार रुपये लेते हुए किया गिरफ्तार

शिकायत के आधार पर 23 जनवरी 2026 को SV&ACB, फरीदाबाद की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विक्रम वशिष्ट को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा और रिश्वत की राशि बरामद की। इसके बाद आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में थाना SV&ACB, फरीदाबाद में अभियोग संख्या 02, दिनांक 23 जनवरी 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जांच के बाद न्यायालय में दाखिल किया चालान

मामले की जांच पूरी होने के बाद SV&ACB, फरीदाबाद द्वारा आरोपी के विरुद्ध माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राज गुप्ता की अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है। भ्रष्टाचार के मामलों में ब्यूरो द्वारा नियमानुसार कार्रवाई जारी है।