लोकोस लेन-देन प्रणाली और मॉनिटरिंग, इवैल्यूएशन एंड लर्निंग पर होगी चर्चा
गुरुग्राम, 11 अक्टूबर। ग्रामीण विकास मंत्रालय के दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डेए-एनआरएलएम) की ओर से 12 और 13 अक्टूबर को आईटीसी ग्रैंड भारत, गुरुग्राम में लोकोस (LokOS) लेन-देन एप्लिकेशन और मॉनिटरिंग, इवैल्यूएशन एंड लर्निंग (एमईएल) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इस कार्यशाला की मेजबानी कर रहा है। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 200 प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ और तकनीकी भागीदार भाग लेंगे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), ग्राम संगठनों (वीओ) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के वित्तीय लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए लोकोस ट्रांजेक्शन एप्लिकेशन के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके तहत ग्राम निधि एवं फंड डिस्बर्समेंट मॉड्यूल (एफडीएम), कैडर मैनेजमेंट और ट्रेनिंग मैनेजमेंट जैसे एकीकृत मॉड्यूल पर भी चर्चा होगी।
लोकोस के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के ऋण विवरण और वर्तमान में लगभग 4.50 लाख करोड़ रुपये के बकाया ऋण का रिकॉर्ड दर्ज करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता समूहों और उनके फेडरेशनों में फंड प्रबंधन को बेहतर बनाने तथा लखपति दीदियों के लिए ऋण की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला के तहत एमईएल प्रणाली को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की जाएगी। इसमें राज्यों के बीच अनुभवों और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन से जुड़े टूल्स, टेम्प्लेट और मापदंडों को मानकीकृत करने तथा एमईएल से जुड़ी प्राथमिकताओं को राज्यों की वार्षिक कार्य योजनाओं के अनुरूप तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा।
मंत्रालय ने अक्टूबर 2026 तक सभी ग्राम संगठनों और स्वयं सहायता समूहों को लोकोस पर ऑनबोर्ड करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में इस दिशा में लगभग 40 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है, जबकि नियमित मासिक लेन-देन प्रविष्टि का स्तर लगभग 70 प्रतिशत है। सीएलएफ का ऑनबोर्डिंग पूरा हो चुका है। ग्राम निधि एवं फंड डिस्बर्समेंट मॉड्यूल को भी लोकोस ट्रांजेक्शन मॉड्यूल के साथ एकीकृत किया गया है।
दो दिवसीय कार्यशाला में लोकोस प्रोफाइल एवं ट्रांजेक्शन रिपोर्ट, सीएलएफ, वीओ और एसएचजी के लेन-देन, कैडर एवं ट्रेनिंग मैनेजमेंट, रिपोर्ट एनालिटिक्स और एमईएल फ्रेमवर्क पर विस्तृत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें प्रत्येक राज्य से दो से तीन प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ और राष्ट्रीय टीम के सदस्य शामिल होंगे। पहले दिन राज्यों के एसएमडी एवं सीईओ की उपस्थिति अपेक्षित है।
