गांव कालवास में दो दिवसीय ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी का हुआ समापन, विद्यार्थियों ने जाना स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास
हिसार, 07 अक्टूबर।
क्षेत्रीय अभिलेखागार हिसार मंडल की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कालवास में आयोजित दो दिवसीय ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं छाया चित्रों की प्रदर्शनी का बुधवार को समापन हुआ। 6 से 7 अक्टूबर तक चली इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम, स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों तथा ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और छाया चित्रों के माध्यम से इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिला।
समापन अवसर पर विद्यालय की इतिहास प्रवक्ता प्रिया रानी ने कहा कि प्रदर्शनी से विद्यालय का वातावरण जीवंत एवं प्रेरणादायक बना है। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों की सीखने और समझने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि अभिलेखागार विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय में प्रदर्शनी लगाना सराहनीय पहल है। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी अपने आसपास के इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है।
क्षेत्रीय अभिलेखागार हिसार मंडल के सहायक निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, त्याग एवं बलिदान से परिचित करवाना है। विभाग के रिसोर्स पर्सन राजकुमार जांगड़ा ने विद्यार्थियों को प्रदर्शनी में लगाए गए दस्तावेजों एवं छाया चित्रों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों और महत्वपूर्ण घटनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आसपास के गांवों के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने कठिन परिस्थितियों में देश की आजादी के आंदोलन में योगदान दिया। उनके त्याग और बलिदान को जानकर हमें गर्व की अनुभूति होती है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज से सहायक प्रोफेसर डॉ. उमाशंकर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी विद्यार्थियों और आमजन को इतिहास से जोड़ने वाली सशक्त कड़ी के रूप में कार्य करती हैं। इतिहास को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय ऐतिहासिक दस्तावेजों और चित्रों के माध्यम से समझने से विद्यार्थियों में विषय के प्रति अधिक रुचि पैदा होती है। प्रदर्शनी देखने वाली छात्रा शिक्षा ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से उन्हें ऐसा ज्ञान प्राप्त हुआ, जो केवल पुस्तकों से हासिल करना संभव नहीं था। दस्तावेजों और छाया चित्रों को देखकर तथा उनके बारे में सुनकर मिली जानकारी उनके लिए स्थायी यादगार बन गई है। छात्र आंचल ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से उन्हें स्थानीय शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जो पाठ्यक्रम की पुस्तकों में बहुत कम मिलती है। अपने क्षेत्र के लोगों के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान के बारे में जानकर उन्हें गर्व महसूस हुआ।
प्रदर्शनी के अंतिम दिन आसपास के विद्यालयों, गुरू जंभेश्वर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कालवास तथा अमृता देवी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कालवास सहित विभिन्न विद्यालयों के लगभग 240 विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं अभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचे विद्यार्थियों और अध्यापकों ने अपने आसपास के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी प्राप्त की और कहा कि यह जानना गौरव की बात है कि उनके गांवों और क्षेत्र के पूर्वजों ने देश की आजादी के आंदोलन में बढ़-चढक़र भाग लिया था।
इस अवसर पर विद्यालय के स्टाफ सदस्य, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, अभिभावक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
