पीड़ितों को समय पर मिले राहत, जिम्मेदार एजेंसियों की तय होगी जवाबदेही : डीसी

 
 डीसी वर्षा खांगवाल

पात्र नागरिकों को निर्धारित समय अवधि में मिले दयालु-द्वितीय योजना का लाभ - डीसी

डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला स्तरीय बैठक में की  दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु द्वितीय योजना की समीक्षा

झज्जर,

 डीसी वर्षा खांगवाल ने लघु सचिवालय स्थित सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय बैठक में अधिकारियों के साथ दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु-द्वितीय योजना की विस्तार से समीक्षा की। इस बीच जिला सांख्यिकी अधिकारी युद्धवीर सिंह ने योजना की विस्तार से जानकारी साझा की और बताया कि योजना के अंतर्गत  छह आवेदन प्राप्त हुए हैं।
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि यह योजना हरियाणा के निवासियों के लिए है। इस योजना के तहत लावारिस-आवारा/जंगली पशुओं जैसे गाय, बैल, कुत्ते, नील गाय, भैंस आदि के काटने-चोट मारने से हुई आकस्मिक मृत्यु/ घायल होने/ दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत सभी परिवारों को कवर करना है।
डीसी  ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अनेक प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिसमें दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु-द्वितीय योजना शुरू की है। इसमें आवारा पशुओं/पशुओं के कारण हुई दुर्घटना/घटना के संबंध में किए गए दावे के लिए भुगतान किए जाने वाले मुआवजे का निर्धारण जिला स्तरीय कमेटी द्वारा किया जाएगा। योजना का उद्देश्य पीड़ित को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु या नॉर्म अनुसार प्रतिशत दिव्यांगता होने पर एक से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदक परिवार के पास परिवार पहचान पत्र होना चाहिए। आवेदक परिवार हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए। एफआईआर की कॉपी की जरूरी है।
कठिन समय में पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए दयालु योजना
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि यह योजना कठिन समय में पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए है। ऐसे में इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न की जाए। आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए सत्यापन व दस्तावेजी कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। साथ ही अधिकारियों की जॉइंट टीम घटनास्थल का दौरा करते हुए रिपोर्ट तैयार करे,ताकि पीड़ित को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि बिना किसी कारण के कोई भी आवेदन रिजेक्ट ना हो,इसके लिए गहन जांच करना बेहद जरूरी है।

इस प्रकार मिलता है पीड़ित लोगों को दयालु-द्वितीय योजना का लाभ
जिला सांख्यिकी अधिकारी युद्धवीर सिंह  ने बताया कि  12 वर्ष तक आयु के बच्चों के लिए एक लाख रुपए, 12 से 18 वर्ष के लिए दो लाख रुपए, 18-25 वर्ष के लिए तीन लाख, 25 से 45 वर्ष आयु तक के लिए पांच लाख रुपए, 45 वर्ष से अधिक आयु  वाले के लिए तीन लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। लाभार्थी/दावेदार को दुर्घटना के 90 दिनों के भीतर सहायता हेतु योजना के ऑनलाइन पोर्टल  https://dapsy.finhry.gov.in के माध्यम से आवेदन करना जरूरी है।सभी आवश्यक  दस्तावेजों में परिवार पहचान पत्र, एफआईआर/डीडीआर, मृत्यु प्रमाण पत्र और अस्पताल डिस्चार्ज प्रमाणपत्र जरूरी है।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर  सीटीएम ऋतु,डीडीपीओ निशा तंवर, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ राजेन्द्र मलिक,एडीटीओ राजेश मलिक,पीडब्ल्यूडी से एक्सईएन सुमित कुमार व अनिल रोहिल्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी  उपस्थित रहे।