नाबालिगों को सरे-बाजार में घुमाने और वीडियो जारी करने पर एसपी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ एनएचआरसी में शिकायत

 

अधिवक्ता नरेश गोयल ने हिसार पुलिस पर किशोरों की पहचान उजागर करने और गरिमा व निजता के अधिकारों के उल्लंघन का लगाया आरोप, स्वतंत्र जांच, मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

हिसार, 

हिसार में दो विधि-विरुद्ध किशोरों को कथित तौर पर पुलिस वर्दीधारी कर्मियों द्वारा सरेबाजार में पैदल घुमाने और उनके चेहरे व नाम सार्वजनिक किए जाने का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) पहुंच गया है। बुधवार को प्रकाशित खबरों के बाद जिला अदालत के अधिवक्ता एवं हिसार बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव नरेश गोयल ने आयोग के अध्यक्ष को शिकायत भेजकर हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन समेत संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 28 अक्तूबर को प्रकाशित समाचारों में बताया गया था कि हिसार के एचटीएम थाना क्षेत्र में 24 अक्तूबर को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में दो किशोरों को पकड़ा और उनके बताए स्थान से एक मोटरसाइकिल तथा .315 बोर का कथित अवैध हथियार बरामद किया।

गोयल का आरोप है कि दोनों किशोरों को सिर मुंडे होने की स्थिति में पुलिसकर्मियों ने सरेबाजार में पैदल घुमाया और सोशल मीडिया से जुड़े कुछ लोगों ने उनके वीडियो बनाए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिस प्रवक्ता द्वारा जारी वीडियो में किशोरों के चेहरे स्पष्ट दिखाई दे रहे थे और प्रेस नोट में उनके नाम भी शामिल थे। सार्वजनिक सवाल उठने के बाद वीडियो और प्रेस नोट को मीडिया समूह से हटाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि यदि ये तथ्य सही पाए जाते हैं तो किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों तथा बच्चों की गरिमा, निजता और पहचान की सुरक्षा से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। उन्होंने आयोग से हरियाणा के पुलिस महानिदेशक से समयबद्ध रिपोर्ट मंगवाने, संबंधित रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने तथा वीडियो व तस्वीरों को विभिन्न मंचों से हटवाने की मांग की है।

शिकायत में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई, दोनों किशोरों को उचित मुआवजा देने और उन्हें आवश्यक परामर्श एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी अपील की गई है।