श्राद्ध अमावस्या पर गोवंश की देखभाल के लिए पशुपालन विभाग मुस्तैद, 24 घंटे तैनात रहेंगी विशेष निगरानी टीमें

 

 

हिसार, 08 अक्टूबर।
श्राद्ध अमावस्या के अवसर पर गोवंश के स्वास्थ्य संरक्षण एवं त्वरित उपचार के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। 10 से 12 अक्टूबर 2026 तक पूरे जिले में विशेष निगरानी टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की उप निदेशक डॉ संगीता दलाल नेे यह जानकारी देते हुए बताया कि कि श्राद्ध अमावस्या पर श्रद्धालुओं द्वारा गोवंश को अत्यधिक मात्रा में पूरी, खीर व अन्य गरिष्ठ खाद्य पदार्थ खिलाए जाते हैं। खान-पान में अचानक बदलाव या अत्यधिक भोजन से पशुओं में अपच, अफारा, एसिडोसिस और पेट दर्द जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इस स्थिति से निपटने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने बताया कि स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के अंतर्गत कार्यरत सभी पशु चिकित्सकों और संबंधित कर्मचारियों की छुट्टियां (विशेष परिस्थितियों को छोडक़र) रद्द कर दी गई हैं। हिसार, हांसी, बरवाला तथा नारनौंद उपमंडलों के उपमंडल अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सभी गौवंश, विशेषत: गौशालाओं और नंदीशालाओं के पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक उपमंडल में एक वरिष्ठ पशु चिकित्सक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। नोडल अधिकारी संबंधित क्षेत्र में गोवंश के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करेंगे और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराएंगे। उप निदेशक डॉ संगीता दलाल ने आमजन एवं श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वे पितरों के श्राद्ध के साथ-साथ पशु कल्याण का पुण्य कमाया जा सकता है। श्रद्धालु गौशालाओं में सहयोग के रूप में सूखा चारा, हरा चारा एवं उपयुक्त पशु आहार उपलब्ध करवाएं। इससे धार्मिक भावना भी बनी रहेगी और पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को लगता है कि उनके द्वारा गाय को एक रोटी अथवा थोड़ी-सी पूरी खिलाने से कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन जब एक ही दिन में सैकड़ों लोग गोवंश को इस प्रकार का भोजन खिलाते हैं, तो पशुओं के शरीर में पहुंचने वाला भोजन आवश्यकता से अधिक हो जाता है। इससे गोवंश के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है तथा अपच, अफारा एवं एसिडोसिस जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि अंतिम श्राद्ध एवं अमावस्या के अवसर पर लोग गोवंश को खीर, पूरी एवं हलवा आदि खिलाते हैं। इसके बजाय गोवंश को रोटी अथवा उचित पशु आहार एवं चारा उपलब्ध करवाना अधिक उचित है।
उप निदेशक ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वे श्रद्धा के साथ-साथ पशुओं के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें तथा श्राद्ध अमावस्या के अवसर पर बेसहारा गोवंश को एक साथ अत्यधिक मात्रा में मीठा, तला-भुना अथवा बासी भोजन खिलाने से बचें। इसके स्थान पर गौशालाओं में दान के रूप में सहयोग राशि देने तथा हरा चारा एवं उपयुक्त पशु आहार उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दें, ताकि गोवंश का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और गौ सेवा का कार्य भी बेहतर एवं व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
 


सीएम विंडो व जनसंवाद की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करें अधिकारी
हिसार, 08 अक्टूबर।
उपायुक्त महेंद्र पाल के निर्देशानुसार सीएम विंडो, जन संवाद, सीपी-ग्राम सहित विभिन्न ग्रीवेंस पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित हुई।
बैठक में अधिकारियों को कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक मामले पर निर्धारित समय में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में सीटीएम रोहित कुमार ने कहा कि सीएम विंडो व जनसंवाद की सीधी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर की जा रही है, इसलिए अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें। नॉट-फिजिबल मामलों को तुरंत हटाने तथा सही एटीआर समय पर भेजने के निर्देश दिए गए। इंजीनियरिंग विंग से संबंधित अधिक शिकायतों को देखते हुए पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, कृषि सहित संबंधित विभागों को लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने को कहा गया। वर्ष 2024 की सभी लंबित शिकायतों का जल्द निपटारा करने के भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने रेवेन्यू, जन संवाद, एसएमजीटी, सीपी-ग्राम व अन्य ग्रीवेंस पोर्टल की शिकायतों पर भी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में एएसपी मयंक मुदगिल, डीडीपीओ नरेंद्र कुमार, सीएमओ डॉ सपना गहलावत सहित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी मौजूद रहे।