शिक्षक समाज का मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार :- डॉ. तरन्नुम खान

 
शिक्षक समाज का मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार :- डॉ. तरन्नुम खान

 शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) के सभागार में विशेष शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया के मार्गदर्शन में किया गया।
समारोह के दौरान जिला रोहतक के पांचों ब्लॉकों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले पांच शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में डॉ. कविता नरवाल (करौंथा), राकेश कुमार (कलानौर), सुधीर कुमार (निंदाना), रमेश चिटकारा (नया बांस) तथा श्री श्याम कुमार (चिड़ी) शामिल रहे। सभी शिक्षकों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने सम्मानित किया गया।
डॉ. तरन्नुम खान ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह उनके व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माण करने वाला सच्चा मार्गदर्शक होता है। एक अच्छे शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन पर लंबे समय तक रहता है और यही विद्यार्थी आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विद्यार्थियों को उनके मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, बाल अधिकारों, नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराधों तथा उपलब्ध विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। शिक्षकों के माध्यम से इन विषयों की जानकारी विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती है।
सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने मीडिएशन फॉर नेशन 3.0 अभियान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लोगों को आपसी विवादों का समाधान मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण एवं शीघ्रता से करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता विवादों के समाधान का एक प्रभावी एवं शांतिपूर्ण माध्यम है, जिससे दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी साझा की तथा आमजन से अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की। लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से मामलों का सरल, शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है।
समारोह में उपस्थित शिक्षकों ने जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए प्रेरित करते हैं। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से सभी सम्मानित शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।