उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता-शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
चंडीगढ़, 11 अगस्त- हरियाणा के उच्चतर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने आज पंचकूला तकनीकी शिक्षा विभाग में उच्चतर शिक्षा काउंसिल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक गुणवत्ता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
इस दौरान शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाना है, ताकि उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सकारात्मक और सुविधा-संपन्न माहौल में ही विद्यार्थी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि हरियाणा के युवाओं को प्रदेश में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा अब तक की गई गुणात्मक और मात्रात्मक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह से और समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को इसके दूरगामी लाभ मिल सकें।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वायत्तता देने के विभिन्न मानकों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि संस्थानों को प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वतंत्रता मिलने से वे नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
इस दौरान विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की 'संस्थागत विकास योजनाओं' की वर्तमान स्थिति, प्रगति, शासन व्यवस्था, कार्यान्वयन रणनीति तथा निगरानी तंत्र की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर उनका पारदर्शी और प्रभावी कार्यान्वयन हो। इसके लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समग्र क्रियान्वयन को गति देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। इस दौरान स्कूल शिक्षा विभाग, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एनईपी 2020 के क्रियान्वयन से जुड़ी विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
शिक्षा मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च और कौशल शिक्षा तक एक एकीकृत और मजबूत शैक्षणिक ढांचा तैयार किया जा सके। बैठक में उच्चतर शिक्षा काउंसिल के चेयरमैन श्री कैलाश चंद्र शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा की निदेशक डा. प्रियंका सोनी, विश्वविद्यालयों के कुलगुरु व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
