एसआईआर को लेकर 7 से 9 अक्टूबर तक आयोजित होंगे विशेष शिविर:- उपायुक्त सतबीर सिंह

 
 एसआईआर को लेकर 7 से 9 अक्टूबर तक आयोजित होंगे विशेष शिविर:- उपायुक्त सतबीर सिंह


- कहा, नोटिस प्राप्त मतदाता आवश्यक दस्तावेज विशेष शिविर में जमा करवाएं
- घर-घर जाकर किया जाएगा संपर्क
- निर्धारित तिथि पर सुनवाई में उपस्थित होना सुनिश्चित करें मतदाता
- दस्तावेज जमा नहीं करवाने वाले मतदाताओं से घर-घर संपर्क कर किया जाएगा जागरूक
रोहतक, 7 अक्टूबर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतबीर सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत जिला रोहतक में 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 तक विशेष शिविर एवं घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से पूरा करना तथा ऐसे मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने के लिए सुविधा उपलब्ध करवाना है, जिन्होंने अभी तक अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं।
सतबीर सिंह ने कहा है कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुए हैं और जिन्होंने अभी तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, वे निर्धारित विशेष शिविर में पहुंचकर अपने दस्तावेज अवश्य जमा करवाएं। साथ ही, जिन मतदाताओं को सुनवाई के लिए निर्धारित तिथि दी गई है, वे उस तिथि पर संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना सुनिश्चित करें। दस्तावेज जमा नहीं करवाने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष शिविरों के साथ-साथ घर-घर संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें आवश्यक प्रक्रिया, दस्तावेज तथा सुनवाई से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाएंगे।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने जिला के सभी पात्र मतदाताओं का आह्वान किया है कि वे मतदाता सूची में अपने नाम एवं विवरण की जांच करें और एसआईआर-2026 से संबंधित प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहयोग करें। मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी उपलब्ध करवाए।
सतबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष शिविरों एवं घर-घर संपर्क अभियान के दौरान मतदाताओं को हर संभव सहायता प्रदान की जाए तथा किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो।