कुष्ठ रोग की पहचान के लिए 1 से 14 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान : उपायुक्त आयुष सिन्हा

 
कुष्ठ रोग की पहचान के लिए 1 से 14 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान : उपायुक्त आयुष सिन्हा

 

- घर-घर सर्वे के माध्यम से कुष्ठ रोग के संभावित मामलों की होगी पहचान

- टीबी, एचआईवी एड्स उन्मूलन एवं कुष्ठ रोग केस डिटेक्शन अभियान को लेकर हुई बैठक

- कुष्ठ रोग के प्रति सामाजिक भ्रांतियां व भेदभाव दूर करने पर रहेगा विशेष जोर


फरीदाबाद, 2 सितंबर।
उपायुक्त आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में आज लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में टीबी, एचआईवी एड्स उन्मूलन एवं कुष्ठ रोग केस डिटेक्शन अभियान को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में 1 से 14 सितंबर 2026 तक चलाए जाने वाले विशेष कुष्ठ रोग केस डिटेक्शन अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा तथा कुष्ठ रोग के संभावित मामलों की पहचान की जाएगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के मामलों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध करवाना तथा रोग से जुड़े सामाजिक stigma, भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करना है।

अभियान के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. हरजिंदर ने बताया कि कुष्ठ रोग का समय पर पता लगाकर उचित दवा एवं उपचार लेने से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग से संबंधित लक्षण दिखाई दें तो बिना किसी झिझक के स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर जांच एवं उपचार करवाएं।

उपायुक्त आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घर-घर सर्वे के दौरान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए संभावित मामलों की पहचान और आवश्यक उपचार की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि टीबी, एचआईवी एड्स उन्मूलन तथा कुष्ठ रोग की रोकथाम और केस डिटेक्शन के लिए चलाए जा रहे अभियानों का उद्देश्य केवल रोगियों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना, समय पर उपचार सुनिश्चित करना तथा बीमारियों से जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना भी है।

उन्होंने कहा कि इन अभियानों के सफल संचालन के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सीएसआर के तहत सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के दौरान आने वाली आवश्यकताओं की पहचान कर समय रहते उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ जयंत आहूजा, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ हरजिंदर सिंह ,डिप्टी सिविल सर्जन डॉ रचना शर्मा, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ राजेश , डॉ सनी, डॉ हितेश नागर, सभी इंस्टीट्यूशन से आये हुए डॉक्टर, डीआर टीबी एचआईवी कोऑर्डिनेटर सुभाष गहलोत, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर साधना, दिनेश शर्मा, वीरेंद्र, रविंद्र, रेड क्रॉस से बिजेंदर सौरोत, सहित शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, जिला परिषद तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अधिकारी, रोटरी क्लब्स आदि मौजूद रहे