बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए बाल विवाह के खिलाफ एकजुट हो समाज : डीसी

 
   बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए बाल विवाह के खिलाफ एकजुट हो समाज : डीसी

सेक्टर-28 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बाल विवाह रोकने के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

फरीदाबाद, 02 नवंबर।

बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत (Bal Vivah Mukt Bharat) अभियान के तहत 100 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आज सेक्टर-28 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बाल विवाह रोकने के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के दुष्परिणामों, इससे बच्चों के भविष्य एवं शिक्षा पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों तथा बाल विवाह रोकने के लिए बनाए गए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह समाज के विकास में एक बड़ी बाधा है। इसे समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों और कानून के प्रति जागरूक करना समय की जरूरत है। युवा पीढ़ी जागरूक होकर न केवल स्वयं बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध आवाज उठा सकती है, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक कर सकती है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें और कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।