श्री विष्णु क्लब की रामलीला का छठा दिन: भरत का विलाप और 'राम-भरत मिलाप' के भावुक दृश्यों ने नम की दर्शकों की आँखें

 
श्री विष्णु क्लब की रामलीला का छठा दिन: भरत का विलाप और 'राम-भरत मिलाप' के भावुक दृश्यों ने नम की दर्शकों की आँखें

सिरसा।

सूरतगढ़िया चौक स्थित श्री विष्णु क्लब के मंच पर आयोजित की जा रही भव्य एवं सजीव रामलीला के छठे दिन मंच पर ऐसे मार्मिक और भावुक दृश्यों का मंचन किया गया, जिसने पंडाल में बैठे हर एक रामभक्त को अंदर तक झकझोर कर रख दिया। भाई के प्रति प्रेम, कर्तव्य और पारिवारिक वियोग की कथा ने दर्शकों की आँखों को नम कर दिया। श्री विष्णु क्लब के प्रधान दीपक सेठी ने बताया कि रामलीला के छठे दिन के मंचन की शुरुआत उस अत्यंत दुखद प्रसंग से हुई जब भरत जी अपने ननिहाल से अयोध्या वापस लौटते हैं।

अयोध्या पहुँचने पर उन्हें जब यह पता चलता है कि उनके बड़े भाई भगवान श्री राम को चौदह वर्ष का वनवास हो गया है और इस दुख को सहन न कर पाने के कारण उनके पिता महाराज दशरथ का प्राणांत हो चुका है, तो उनका संसार उजड़ सा जाता है। पिता के वियोग और भ्राता के वन गमन का यह आघात भरत सहन नहीं कर पाते। वे अपनी माता कैकेयी के समक्ष अपना सारा आक्रोश व्यक्त करते हैं और राजपाट ठुकराते हुए अपने भाई के प्रति अटूट प्रेम का परिचय देते हैं। इसके पश्चात मंच पर प्रसिद्ध 'केवट प्रसंग' का बेहद सुंदर और जीवंत मंचन किया गया। जब श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण गंगा तट पर पहुँचते हैं, तो निषादराज और केवट के साथ संवाद का दृश्य दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान ले आता है। केवट का अपनी अनूठी भक्ति से प्रभु श्री राम के चरण धोने और उन्हें प्रेमपूर्वक नदी पार कराने का दृश्य हर किसी का मन मोह लेता है। छठे दिन की रामलीला का सबसे मुख्य और चरम आकर्षण 'श्री राम-भरत मिलाप' का प्रसंग रहा। चित्रकूट के पावन वन में जब भरत जी अपने भाई राम को मनाने और वापस अयोध्या ले जाने के लिए पहुँचते हैं, तो दोनों भाइयों का मिलन देखकर वहाँ मौजूद हर दर्शक की आँखें नम हो गईं। भ्रातृ-प्रेम (भाई-भाई के प्रेम) का यह अनूठा उदाहरण देख पूरा पंडाल 'जय श्री राम' के नारों से गूँज उठा। कलाकारों ने अपने शानदार और जीवंत अभिनय से इस दृश्य को अमर बना दिया।

विशंबर खुंगर और अरमान खुंगर, प्राचीन श्री श्याम मंदिर के मुख्य सेवक योगी शर्मा ने विशेष रूप से शिरकत की। अतिथियों ने रामलीला के आयोजकों और कलाकारों का हौसला बढ़ाया और कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और संस्कारों को जीवित रखने का सबसे बेहतरीन माध्यम हैं। वृंदावन से आए पंडित शास्त्री राम शंकर शर्मा ने अपने मुखारविंद से लोगों को निहाल किया। श्री विष्णु क्लब के महासचिव प्रेम शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में रावण वध और लंका दहन जैसे मुख्य आकर्षणों का मंचन किया जाएगा। इस मौके पर इस मौके पर दीपक सेठी, प्रेम शर्मा, आकाश साहनी, सुमित कथूरिया, हैरी हमराज, सुभाष मेहरा, अरविंद साहनी, सुरेश गुगलानी, विकास सेठी, अरुण भारद्वाज, अशोक शर्मा, विकास सुखीजा,रोहित मेहता, लवली बजाज, केवल सेठी, वीरेंदर वधवा, टिंकू सिंह नेगी, दीपक ऐलावादी, अंकुश मेहता, साहिल शर्मा, अजय डोडा, रिंकू शर्मा, रवि शर्मा, विकास ऐलावादी, धीरज ग्रोवर, पंकज ग्रोवर, रूपांश चावला, प्रिंस शर्मा, शंटी ग्रोवर, साकु, सुनील तनेजा,वंश, नरेंद्र चोपड़ा, अंकित शर्मा, लोकेश, जतिन नागपाल,राकेश ग्रोवर, अजय कैथ इत्यादि उपस्थित रहे।