झींगा उत्पादन में सिरसा बन रहा सिरमौर, मत्स्य पालन विभाग बिहार की टीम ने जानी बम्पर उत्पादन की बारीकियां
सिरसा, 04 सितंबर।
'दूध-दही का खाना...' के रूप में प्रसिद्ध हरियाणा, का मत्स्य पालन मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा बन रहा है। खासकर सिरसा जिला में खारे पानी की चुनौती के बीच किसानों द्वारा किए जा रहे सफल झींगा पालन ने दूसरे राज्यों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसी कड़ी में बिहार के मत्स्य पालन विभाग के निदेशक तुषार सिंगला, आईएएस के नेतृत्व में विभाग की टीम गत दिवस सिरसा पहुंची और यहां चल रही मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं तथा झींगा उत्पादन का बारीकी से अध्ययन किया। टीम ने सबसे पहले जिला प्रशासन के साथ बैठक कर मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन और संचालन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और आदान-प्रदान पर भी विचार-विमर्श किया गया।
झींगा पालन परियोजनाओं में दिखाई विशेष रूचि
बिहार की टीम ने सिरसा जिले में मत्स्य किसानों के झींगा उत्पादन फार्मों का दौरा किया। टीम ने गांव अहमदपुर दारेवाला और कर्मशाना में स्थापित झींगा उत्पादन फार्मों का अवलोकन किया और किसानों से झींगा पालन से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली। इसके अलावा गांव चोरमार में स्थापित झींगा उत्पाद के कोल्ड स्टोर का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने झींगा उत्पादन से लेकर उसके भंडारण और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं को समझा। गांव कर्मशाना में आधुनिक तकनीक आधारित आईओटी बेस विकसित झींगा उत्पादन की शुरुआत की गई, तकनीकी के बारे में टीम को विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। वहीं पर एक और नई पहल शुरू करते हुए झींगा की ही ब्लैक टाइगर प्रजाति की सफल उत्पादन की शुरुआत हुई है, इसके बारे में भी जानकारी दी गई।
सिरसा का झींगा उत्पादन बन रहा उदाहरण
सिरसा में खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन किसानों के लिए आय का एक नया जरिया बनकर उभरा है। इसी वजह से हरियाणा के इस मॉडल को अब दूसरे राज्य भी समझने और अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। बिहार की टीम का सिरसा दौरा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मत्स्य पालन विभाग सिरसा के जिला अधिकारी जगदीश चन्द्र की टीम ने बिहार की टीम को जिले में संचालित विभिन्न मत्स्य पालन गतिविधियों और झींगा उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि इस दौरे से राज्यों के बीच मत्स्य पालन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और अनुभव साझा करने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इससे भविष्य में किसानों के लिए नई तकनीक, बेहतर सुविधाओं और झींगा उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का रास्ता भी मजबूत हो सकता है।
