श्री विष्णु क्लब द्वारा दशहरा की तैयारियां पूर्ण, 80 फुट की होंगी रावण की मूछें, पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा करेंगे रावण दहन

 
 श्री विष्णु क्लब द्वारा दशहरा की तैयारियां पूर्ण, 80 फुट की होंगी रावण की मूछें, पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा करेंगे रावण दहन

सिरसा।

श्री विष्णु क्लब की ओर से इस बार विजयादशमी का पर्व बड़े धूमधाम और भव्य रूप से मनाया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर आयोजकों द्वारा सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। इस बार दशहरा उत्सव का मुख्य आकर्षण रावण की 80 फुट की मूछे होंगी। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के नज़दीक स्थित दशहरा ग्राउंड में मीडिया से जानकारी सांझा करते हुए क्लब के प्रधान दीपक सेठी ने बताया कि इस बार रावण की मूछे आकर्षण का केंद्र होगी। दशहरा पर पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा चीफ गेस्ट होंगे, जबकि गोबिंद कांडा, वीरभान मेहता विशेष रूप से शिरकत करेंगे।

सिंगर हर्ष सिकंदर प्रभु श्री राम की महिमा का गुणगान करेंगे। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। खास बात ये हैं कि हरियाणा गद्दीपति संजू महंत अपनी टीम के साथ इस शोभा यात्रा का अहम हिस्सा बनेंगी और साथ चलेंगी। वहीं बीती रात रामलीला के आठवें दिन श्री विष्णु क्लब के मंच पर ऐसा अभूतपूर्व और रोमांचक मंजर देखने मिला, जिसने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए। मंच पर कलाकारों ने अपनी सजीव और प्राणवान अभिनय शैली से त्रेतायुग के उस महाकाव्य को जीवंत कर दिया जब मर्यादा पुरुषोत्तम राम का धैर्य टूट गया और उनके एक-एक शब्द ने रावण के सिंहासन को हिलाकर रख दिया।

माता सीता की खोज में भटकते हुए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जब दंडकारण्य पहुंचे, तब वहां परम भक्त माता शबरी का वह भावुक प्रसंग मंचित किया गया जिसने सभी की आंखें नम कर दीं। शबरी ने बड़े प्रेम और श्रद्धा के साथ प्रभु श्रीराम को जूठे बेर खिलाए, जिन्हें भगवान ने अत्यंत स्नेह और आदर के साथ स्वीकार कर उनकी अटूट भक्ति का मान बढ़ाया। इसके पश्चात, सीता हरण के बाद व्याकुल भगवान श्रीराम को जब वीरगति को प्राप्त हो रहे जटायु ने रावण के कृत्य की सूचना दी, तो राम का कोमल हृदय क्रोध की ज्वाला में बदल गया। उन्होंने गरजते हुए अल्टीमेटम दिया— "लंका की ईंट से ईंट बजा दूँगा, रावण तेरी मृत्यु अब निश्चित है।" सुग्रीव से अटूट मैत्री, आततायी बालि का न्यायपूर्ण वध और इसके बाद किष्किंधा से उठी वानर सेना की हुंकार ने युद्ध का शंखनाद कर दिया।

समंदर लांघकर लंका के भीतर दाखिल हुए पवनपुत्र हनुमान ने माता सीता के चरणों में नमन कर उनकी सुध ली और देखते ही देखते पूरी अशोक वाटिका उजाड़ दी। रावण के दरबार में दंभ और अहंकार से भरी बहस के बाद जब लंकापतियों ने हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई, तो महावीर ने अपनी पूंछ की भयंकर अग्नि से पूरी स्वर्ण लंका को धू-धू कर जला डाला। इस मौके दीपक सेठी, प्रेम शर्मा, आकाश साहनी, सुमित कथूरिया, हैरी हमराज, सुभाष मेहरा, अरविंद साहनी, सुरेश गुगलानी, विकास सेठी, अरुण भारद्वाज, अशोक शर्मा, विकास सुखीजा,रोहित मेहता, लवली बजाज, केवल सेठी, वीरेंदर वधवा, टिंकू सिंह नेगी, दीपक ऐलावादी, अंकुश मेहता, साहिल शर्मा, अजय डोडा, रिंकू शर्मा, रवि शर्मा, विकास ऐलावादी, धीरज ग्रोवर, पंकज ग्रोवर, रूपांश चावला, प्रिंस शर्मा, शंटी ग्रोवर, साकु, सुनील तनेजा,वंश, नरेंद्र चोपड़ा, अंकित शर्मा, लोकेश, जतिन नागपाल,राकेश ग्रोवर, अजय कैथ इत्यादि उपस्थित रहे।