रोहतकः मॉडल स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भत्तों व अन्य सुविधाओं में कटौती के विरोध में दिया धरना

 
 रोहतकः मॉडल स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भत्तों व अन्य सुविधाओं में कटौती के विरोध में दिया धरना

रोहतक, 3 सितंबर। मॉडल स्कूल रोहतक के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भत्तों व अन्य सुविधाओं में कटौती के विरोध में गुरूवार को छुट्टी के बाद सवा घंटे तक स्कूल परिसर में सांकेतिक धरना दिया। शिक्षिकाओं के विरोध को देखते हुए प्रिंसिपल अरूणा तनेजा समय से पहले ही स्कूल से चली गई। मॉडल एजुकेशन सोसाइटी के सचिव राजेश सहगल भी अमेरिका यात्रा से लौटने के बाद स्कूल परिसर पहुंचे थे। लेकिन वे भी शिक्षिकाओं के धरना देने से पहले ही निकल गए। धरना दे रही शिक्षिकाओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर काले बैज लगाकर ड्यूटी देंगी। इन शिक्षिकाओं के धरना देने के 2 घंटे के अंदर ही मैनेजमेंट ने एक माह की सैलरी जारी कर दी। जबकि अभी एक माह की सैलरी बकाया है।
गौरतलब है कि मॉडल स्कूल की शिक्षक-शिक्षिकाओं के विभिन्न प्रकार के भत्तों में मैनेजमेंट ने कटौती कर दी है। मॉडल एजुकेशन सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी में यह निर्णय लिया गया। ये शिक्षक-शिक्षिका इस संबंध में अब तक कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और तत्कालीन डीसी व स्कूल के चेयरमैन सचिन गुप्ता से मुलाकात कर लिखित ज्ञापन सौंप चुके हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। स्कूल मैनेजमेंट किसी भी प्रकार की बात सुनने के लिए तैयार नहीं है। स्कूल में विभिन्न प्रकार की सुविधाओं की भारी कमी है। जिसमें सुधार नहीं किया जा रहा है। सुविधाओं की कमी की वजह से ही मॉडल स्कूल की सांपला ब्रांच बंद हो चुकी है और उस ब्रांच में पढने वाले विद्यार्थियों और पढाने वाले शिक्षकों को सेक्टर-4 स्थित ब्रांच में शिफ्ट किया जा चुका है। मॉडल स्कूल की स्थापना वर्ष 1952 में तत्कालीन डीसी एचडी शौरी ने की थी।
शिक्षकों के भत्तों संबंधी मामले का समाधान नहीं हुआ था, इस बीच सचिव राजेश सहगल अमेरिका की यात्रा पर चले गए। जबकि तत्कालीन डीसी सचिन गुप्ता का तबादला हो गया।  
गुरूवार को स्कूल की दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर छुट्टी होने के बाद सभी शिक्षक-शिक्षिका स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठे रहे। यह धरना दोपहर 3 बजे तक चला। इन शिक्षकों ने एक दिन पहले ही इस बात का ऐलान कर दिया था कि वे गुरूवार को छुट्टी के बाद सांकेतिक धरना देंगी। इसी के चलते प्रिंसिपल पहले ही स्कूल से चली गई। शिक्षकों का कहना है कि अभी तक उन्हें गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिए गए निर्णय की कॉपी तक उपलब्ध नहीं करवाई गई है। स्कूल में सुविधाओं में बढोतरी नहीं की जा रही है और हर बात का जिम्मेदार उन्हें ही ठहराया जा रहा है।