भूजल बचाने के लिए रिचार्ज वेल, साफ किए पानी का ज्यादा इस्तेमाल और गांवों में जल योजनाओं की जिम्मेदारी लोगों को देने पर जोर : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
हिसार, 03 सितंबर।
हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के बाद अब पानी बचाने, पानी की बर्बादी रोकने और जलापूर्ति की व्यवस्था को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बढ़ती आबादी और पानी की जरूरत को देखते हुए जल संरक्षण के साथ-साथ पानी के दोबारा इस्तेमाल पर भी तेजी से काम किया जा रहा है
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने यह बात नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय के दो-दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन में हरियाणा की ओर से प्रदेश में जलापूर्ति, जल संरक्षण और सीवरेज से जुड़े कामों की जानकारी देते हुए कही। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के साथ देशभर के जल एवं पेयजल से जुड़े विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में राज्यों में पानी की उपलब्धता, जल संरक्षण, पेयजल योजनाओं को बेहतर तरीके से चलाने और भविष्य की पानी की जरूरतों को लेकर चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ऐसे सम्मेलन राज्यों को एक-दूसरे के अच्छे कामों से सीखने और पानी से जुड़ी चुनौतियों का मिलकर समाधान तलाशने का अच्छा मौका देते हैं।
*हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का काम पूरा*
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि हरियाणा ने ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुंचाने का काम पूरा कर लिया था। अब सरकार का जोर इस व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखने पर है। उन्होंने बताया कि भूजल स्तर को बचाने के लिए डार्क जोन में रिचार्ज वेल लगाए जा रहे हैं। 31 रिचार्ज वेल स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 26 लगाए जा चुके हैं और 12 चालू हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 235 पुराने और बंद पड़े ट्यूबवेलों को रिचार्ज वेल में बदलने की तैयारी है, ताकि बारिश का पानी जमीन के अंदर पहुंचाया जा सके।
*पानी बचेगा तो आने वाली पीढ़ियों का भी काम चलेगा*
उन्होंने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से साफ किए गए पानी को बेकार नहीं जाने दिया जा रहा। इसका इस्तेमाल खेती, बागवानी, उद्योग, निर्माण कार्य और थर्मल पावर प्लांटों में किया जा रहा है। प्रदेश में अभी करीब 655 एमएलडी ट्रीटेड पानी दोबारा इस्तेमाल हो रहा है और मार्च 2031 तक इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि जलापूर्ति योजनाओं को लंबे समय तक ठीक रखने के लिए ओ एंड एम पॉलिसी-2026 के तहत गांवों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। ग्राम पंचायतों और विलेज वॉटर एंड सैनिटेशन कमेटियों को रोजमर्रा की पानी की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि विभाग तकनीकी मदद देगा। अब तक 1,486 ग्राम पंचायतों ने इसके लिए एमओयू किए हैं।
बड़े गांवों में शहर जैसी सुविधाएं
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि 10 हजार से ज्यादा आबादी वाले गांवों में शहरों की तर्ज पर पानी और सीवरेज की सुविधा देने के लिए महाग्राम योजना पर काम चल रहा है। इसके तहत 132 गांवों को शामिल किया गया है। 27 गांवों में काम पूरा हो चुका है, जबकि 31 गांवों में काम चल रहा है।
*मीटर लगेगा, पानी की बर्बादी पर नजर रहेगी*
उन्होंने बताया कि पानी की बर्बादी रोकने और लोगों को जरूरत के हिसाब से पानी इस्तेमाल करने के लिए मीटरिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मीटरिंग-एज-ए-सर्विस मॉडल के तहत मीटर लगाने की तैयारी है। इससे पानी की खपत, सप्लाई और दबाव पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी।
*शिकायत आएगी तो अधिकारी तुरंत हरकत में आएंगे*
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि गर्मियों में पानी की सप्लाई से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के लिए विभाग के अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में आने वाली समस्याओं पर रोजाना एक्शन टेकन रिपोर्ट ली जाती है। विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-56781 पर आने वाली शिकायतों का भी तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
*बरसात में पानी का भराव न हो, इस पर भी जोर*
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 89 शहरों में नालों और सीवरेज नेटवर्क की सफाई और निगरानी की गई। इसके अलावा डी-वॉटरिंग पंप और जनरेटर भी तैयार रखे गए हैं। इन प्रयासों से कई जगहों पर पानी की निकासी में लगने वाला समय 30 से 40 प्रतिशत तक कम हुआ है। उन्होंने बताया कि दक्षिण हरियाणा के कई इलाकों में पानी की समस्या दूर करने के लिए रैनी वेल और नई जलापूर्ति योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। पलवल, नूंह, हथीन और फिरोजपुर झिरका सहित कई क्षेत्रों में इन योजनाओं से बड़ी संख्या में गांवों को फायदा मिलेगा। श्री गंगवा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में लोगों को साफ और पर्याप्त पानी मिलता रहे, पानी की एक-एक बूंद का सही इस्तेमाल हो और आने वाले वर्षों में भी लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
*पीएम नरेंद्र मोदी का जताया आभार, सम्मेलन के जरिए राज्यों को मिली पानी बचाने की नई दिशा*
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल का आभार जताते हुए कहा कि इस सम्मेलन के जरिए राज्यों को पानी से जुड़ी भविष्य की चुनौतियों पर मिलकर सोचने और एक-दूसरे के अच्छे कामों से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पानी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए राज्यों को भविष्य के लिए तैयार रहने और पानी बचाने वाली तकनीकों को बढ़ावा देने के विजन की सराहना की। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की भी सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने, पेयजल स्रोतों को सुरक्षित रखने, पानी से जुड़े कामों को तेजी से पूरा करने और गांवों की जलापूर्ति योजनाओं को बेहतर तरीके से चलाने पर उनका जोर बेहद उपयोगी है। श्री गंगवा ने कहा कि सम्मेलन के जरिए राज्यों के बीच विचारों और अच्छे कामों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे जल क्षेत्र में आगे बेहतर काम करने की दिशा मिलेगी।
