हमारी आंगनवाड़ी-हमारी जिम्मेदारी थीम पर 9 सितंबर से 9 अक्तूबर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय पोषण माह
चण्डीगढ़, 8 सितंबर - केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 9 सितम्बर,2026 को वाराणसी के रुद्राक्ष अंतर्राष्ट्रीय सहयोग केन्द्र में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की उपस्थिति में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का षुभारम्भ किया जाएगा। इसी कड़ी में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों की अनुपालना में हरियाणा में भी 9 सितंबर से 9वां राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस बार राष्ट्रीय पोषण माह अभियान की थीम हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी रखी गई है। अभियान का उद्देश्य पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने तथा महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभागों एवं समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्रवक्ता ने बताया कि इस बार पोषण माह पांच प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहेगा। पहला विषय आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन को लेकर है, जिसके तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दालों, हरी सब्जियों, दूध उत्पादों और मोटे अनाज से बने पौष्टिक भोजन की जानकारी दी जाएगी। दूसरा विषय ताजा गर्म पका भोजन से जुड़ा है, जिसमें आंगनवाड़ी केंद्रों पर मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित कर साफ-सफाई और समय पर भोजन परोसने पर जोर दिया जाएगा। तीसरा विषय सामुदायिक भागीदारी का है, जिसके अंतर्गत नवगठित आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों की बैठकें आयोजित कर लोगों को केंद्रों की निगरानी से जोड़ा जाएगा। चौथा विषय बच्चों के पोषण और शुरुआती मानसिक विकास पर आधारित है, जिसमें अभिभावकों को बच्चों के साथ खेल-खेल में सीखने की गतिविधियां सिखाई जाएंगी। पांचवां और अंतिम विषय प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जुड़ा है, जो इस वर्ष अपने 10 वर्ष पूरे कर रही है। इसके तहत पात्र गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देष्य विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम अनुसूची के अनुरूप सभी गतिविधियांे को समय पर पूरा करना और आमजन विशेषकर, महिलाओं व बच्चों तक इसका अधिकतम लाभ पहुंचाना है। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर काम करने की भी हिदायत दी, ताकि पोषण माह के उद्देश्य पूरी तरह से साकार हो सकें।
प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अति कुपोषित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं। गर्भवती महिलाओं के एएनसी चेकअप तथा बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए। होम विजिट के दौरान टीकाकरण और पोषण पर विशेष ध्यान देने के साथ 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों में विकासात्मक देरी की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
शिक्षा विभाग को स्कूलों में पोषण संबंधी जागरूकता अभियान चलाने तथा पोस्टर, कहानी, खेल और योग प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए। खेलकूद गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली, शिक्षा और पोषण के प्रति प्रेरित करने तथा स्कूल टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कहा गया। पंचायती राज एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों एवं पंचों तथा शहरी क्षेत्रों में पार्षदों के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि पोषण माह का उद्देश्य केवल विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहकर समुदाय की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता पैदा करना होना चाहिए।
