झज्जर, 3 सितंबर।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की पहल पर आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में डीसी वर्षा खांगवाल ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी करें समयबद्ध निपटारा
डीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। अधिकारी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनके निपटारे की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न करें।
समस्या के जल्द समाधान सहित शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि किसी शिकायत का निपटारा तभी प्रभावी माना जाएगा, जब संबंधित नागरिक समाधान से संतुष्ट हो। इसके लिए अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संवाद बनाए रखने तथा समाधान की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और फीडबैक व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
जिला में हर सोमवार और गुरुवार लग रहे समाधान शिविर
डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक सोमवार और गुरुवार सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जिला मुख्यालय के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर भी समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। झज्जर के अलावा बहादुरगढ़, बेरी और बादली में भी नागरिकों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को उनके नजदीकी स्तर पर ही प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखने और उनका समाधान करवाने का अवसर मिल रहा है।
बहादुरगढ़, बेरी और बादली में भी सुनी गईं जनसमस्याएं
गुरुवार को जिला मुख्यालय के अलावा बहादुरगढ़ में एसडीएम अभिनव सिवाच, बादली में एसडीएम विशाल कुमार तथा बेरी में एसडीएम रेणुका नांदल ने समाधान शिविरों में आमजन की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और समस्याओं के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।
पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन पर जोर
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। इससे शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं के समाधान को केवल औपचारिकता न मानें, बल्कि प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ लेते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, जिला परिषद के सीईओ मनीष फोगाट, एसीपी हितेश महाला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
