सिविल अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की है प्राथमिकता :- महिला आयोग की उपाध्यक्षा मीना परमार
रोहतक, 3 सितंबर : हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्षा मीना परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। नागरिकों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल में नागरिकों को सभी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी डॉक्टर बाहर की दवाइयां न लिखें। मरीजों को अस्पताल से संतुष्ट करके भेजा जाये।
मीना परमार एक दिवसीय रोहतक दौरा कार्यक्रम के दौरान नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण करने के उपरांत उपस्थितगण से संवाद कर रही थी। उन्होंने अस्पताल परिसर में मरीजों से भी बातचीत की तथा अस्पताल में मिल रही सुविधाओं बारे जानकारी ली। आयोग की उपाध्यक्षा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। केंद्र सरकार द्वारा सस्ती जेनेरिक दवाइयां तथा प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत मरीजों को अस्पताल में मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है।
आयोग की उपाध्यक्षा मीना परमार ने कहा कि बाहर की दवाइयां लिखने वाले डॉक्टरों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। सभी डॉक्टर यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल में उपलब्ध दवाइयां ही लिखें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र नागरिकों को 5 लाख रुपये तक वार्षिक स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे गरीब व्यक्ति भी इलाज करवाने में सक्षम हुए है। ऐसे में चिकित्सकों का दायित्व है कि उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ मरीजों तक पहुंचाएं। उन्होंने अस्पताल परिसर में निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि ओपीडी पंजीकरण काउंटर के सभी पंखों को ठीक करवाया जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि कार्य समय के दौरान पंखें चले।
मीना परमार ने सर्वप्रथम अस्पताल परिसर में बच्चों की ओपीडी का निरीक्षण किया तथा कहा कि सभी मरीजों को दवाइयां देकर घर भेजा जाये। उन्होंने इसके उपरांत डिस्पेंसरी काउंटर का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नागरिक अस्पतालों को पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके उपरांत उन्होंने महिला शौचालयों का निरीक्षण किया तथा संबंधित डॉक्टरों को आवश्यक दिशानिर्देश दिये। उन्होंने प्रसव कक्ष व ओपीडी का निरीक्षण किया तथा उपचाराधीन महिलाओं से स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बारे जानकारी ली।
आयोग की उपाध्यक्षा मीना परमार ने अस्पताल निरीक्षण के उपरांत चिकित्सा अधीक्षक कक्ष में विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सरकार की हिदायतों के अनुसार आंतरिक शिकायत समिति का गठन हो तथा इस समिति के सदस्यों के विवरण को अस्पताल परिसर में तीन प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाये ताकि नागरिकों को जानकारी हासिल हो सके। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। इसके उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना तथा यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करना है।
उपाध्यक्षा मीना परमार ने कहा कि बीमार एवं परेशान अवस्था में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को यदि स्वच्छ, सुविधाजनक और अच्छा वातावरण मिले तो उनके स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उपमंडलाधीश आशीष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. कमला वर्मा, नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, महिला पुलिस थाना प्रभारी मीना, जिला संरक्षण अधिकारी करमिंद्र कौर, भाजपा के प्रतिनिधियों में नितिन जैन, संगीता सिंगला, डॉ. अंकुश बिड्डïू, शिवकुमार परमार सहित आयोग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
