चंडीगढ़, 03 सितंबर-हरियाणा में राष्ट्रव्यापी नागरिक सहभागिता आधारित पहल ‘रिफॉर्म उत्सव’ के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित न रहकर ऐसे व्यवस्थित, दोहराए जा सकने वाले और भविष्योन्मुखी सुधारों की पहचान करना है,जिससे नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता एवं वितरण प्रणाली को बेहतर बनाया जा सके।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में इससे जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की।
राज्य समन्वय समिति (एससीसी) के अध्यक्ष के रूप में बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री रस्तोगी ने अक्टूबर से दिसंबर तक चलने वाले अभियान की तैयारियों और कार्ययोजना की समीक्षा की।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि अभियान से जुड़ी तैयारियों के कई महत्वपूर्ण चरण पूरे कर लिए गए हैं। राज्य से प्राप्त फीडबैक केंद्र सरकार के आर्थिक मामले विभाग को भेज दिया गया है। राज्य एवं जिला समन्वय समितियों का गठन भी किया जा चुका है। अभियान के समन्वय के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को राज्य नोडल विभाग बनाया गया है।
बैठक में महत्वपूर्ण समय-सीमा की भी समीक्षा की गई। 10 सितंबर तक राज्य कार्ययोजना तैयार की जानी है, जबकि 11 सितंबर से राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक एवं डिजिटल मीडिया के साथ-साथ पंचायत नेटवर्क, शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक संगठनों तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों के माध्यम से व्यापक जनसंपर्क किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान का प्रमुख चरण ‘जन मंथन’ होगा, जो 2 से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान नागरिक रिफॉर्म उत्सव पोर्टल, जनसभाओं तथा अन्य जमीनी गतिविधियों के माध्यम से शासन एवं सरकारी सेवाओं में सुधार के लिए अपने सुझाव दे सकेंगे। 2 अक्टूबर को प्रत्येक पंचायत में जन मंथन सभा आयोजित करने का प्रस्ताव है। इन सभाओं में माई भारत स्वयंसेवकों और कॉमन सर्विस सेंटरों के सहायता डेस्क भी सहयोग करेंगे।
इसके बाद अभियान परामर्श से आगे बढ़कर निर्णय एवं क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश करेगा। ‘विमर्श’ चरण के तहत 10 अक्टूबर से 30 नवंबर तक विभाग नागरिकों से प्राप्त सुझावों की समीक्षा करेंगे और क्रियान्वयन योग्य सुधारों की पहचान करेंगे। इन सुधारों को त्वरित सुधार (क्विक विंस) तथा मध्यम अवधि के सुधारों (मीडियम-टर्म रिफॉर्म्स) के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
इसके साथ ही ‘जन समाधान’ चरण में 10 अक्टूबर से 20 दिसंबर तक सुधारों के क्रियान्वयन पर जोर रहेगा। त्वरित सुधारों के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और उनकी प्रगति की निगरानी रिफॉर्म उत्सव पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। मध्यम अवधि के सुधारों के लिए निर्धारित कार्ययोजना एवं माइलस्टोन के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान का समापन 25 से 27 दिसंबर तक होने वाले ‘संकल्प सिद्धि’ चरण के साथ होगा। इसमें सफल सुधारों को प्रदर्शित करने, उनके परिणामों को सामने लाने तथा आगे के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने का अवसर मिलेगा।
बैठक में हरियाणा के लिए अभियान का स्पष्ट उद्देश्य रेखांकित किया गया—नागरिकों की बात सुनना, व्यवस्था में मौजूद बाधाओं की पहचान करना, व्यावहारिक सुझावों पर कार्रवाई करना और सुधारों के परिणामों की समयबद्ध निगरानी करना।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
