जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश
4 से 6 नवंबर तक निर्धारित स्थानों पर लाइसेंसधारक विक्रेता ही कर सकेंगे ग्रीन पटाखों की बिक्री
7 व 8 नवंबर को निर्धारित समय पर ही फोड़ सकेंगे पटाखे
9 नवंबर से जिला में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर फिर से लागू होगा पूर्ण प्रतिबंध
झज्जर, 05 नवंबर।
जिला की सीमा में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम तथा आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर विस्तृत आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार जिला झज्जर में केवल निर्धारित शर्तों के तहत प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी। इन निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार 6 नवंबर तक होगी ग्रीन पटाखों की बिक्री
जिलाधीश की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि 4 से 6 नवंबर 2026 तक केवल लाइसेंसधारक विक्रेता ही ग्रीन पटाखों की बिक्री कर सकेंगे। बिक्री केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही की जा सकेगी। पटाखे सीएसआईआर-एनईईआरआई से पंजीकृत और पीईएसओ से लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं के होने चाहिए। विक्रेताओं को बिक्री शुरू करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट के पक्ष में संबंधित एसडीएम के माध्यम से 50 हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा करवानी होगी। आदेशों का उल्लंघन करने पर यह राशि जब्त कर ली जाएगी और संबंधित विक्रेता का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
जिला में इन स्थानों पर निर्धारित किए गए हैं बिक्री केंद्र
जिलाधीश की ओर से जारी आदेश अनुसार ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए निम्न स्थान निर्धारित किए गए हैं। झज्जर उपमंडल में महर्षि दयानंद स्टेडियम झज्जर, माछरौली में पुलिस थाना के नजदीक काहड़ी रोड, मातनहेल के खेल स्टेडियम और जटवाड़ा के खेल स्टेडियम को बिक्री केंद्र बनाया गया है। बहादुरगढ़ उपमंडल में ग्राम पंचायत सांखोल के गोल मार्केट के नजदीक खेल स्टेडियम तथा अंबेडकर स्टेडियम बहादुरगढ़ में बिक्री की व्यवस्था रहेगी। इसी प्रकार बेरी में स्टेडियम तथा बादली में रामसर जोहड़ के नजदीक पंचायत भूमि पर बिक्री केंद्र निर्धारित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंसधारक विक्रेता केवल इन्हीं निर्धारित स्थानों पर बिक्री कर सकेंगे। किसी अन्य स्थान पर पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
क्यूआर कोड और सीलबंद पैकिंग वाले पटाखे ही मान्य
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने बताया कि केवल उन्हीं ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी, जिनके पैकेट पूरी तरह सीलबंद होंगे और जिन पर उत्पाद एवं बैच की पहचान वाला वैध क्यूआर कोड अंकित होगा। क्यूआर कोड स्कैन करने पर निर्माता, एनईईआरआई पंजीकरण, पीईएसओ एवं लाइसेंस संबंधी जानकारी, उत्पाद की संरचना और परीक्षण प्रमाणपत्र की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए। बेरियम युक्त, अप्रमाणित अथवा पारंपरिक पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लड़ियों और माला के रूप में जुड़े पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। ई-कॉमर्स अथवा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से पटाखों की खरीद-बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
7 व 8 नवंबर को तय समय में ही फोड़ सकेंगे पटाखे
जिलाधीश ने बताया कि ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति केवल 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 बजे से 7 बजे तक तथा रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक रहेगी। निर्धारित तिथि और समय के अतिरिक्त पटाखे फोड़ना प्रतिबंधित होगा। इसके अलावा अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शिक्षण संस्थानों तथा अधिसूचित शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे को नो-क्रैकर जोन घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
एसडीएम की निगरानी में गठित होंगी संयुक्त टीमें, नियमित होगी जांच
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने बताया कि आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए जिला में थाना स्तर पर पुलिस और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की संयुक्त गश्त एवं निरीक्षण टीमें गठित की गई हैं। संबंधित एसडीएम अपने-अपने उपमंडल में इन टीमों के समग्र पर्यवेक्षण के लिए नोडल प्राधिकारी होंगे और संबंधित एसीपी के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। अतिरिक्त उपायुक्त जिला स्तर पर नोडल अधिकारी के रूप में निगरानी करेंगे। संयुक्त टीमें निर्धारित बिक्री केंद्रों, दुकानों, भंडारण स्थलों और अन्य संबंधित स्थानों पर नियमित जांच करेंगी। क्यूआर कोड की सत्यता की जांच के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पटाखों के नमूने लेकर पीईएसओ को भेजे जाएंगे। प्रतिबंधित पटाखे मिलने पर उन्हें तुरंत जब्त किया जाएगा।
9 नवंबर से फिर लागू होगा सभी पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध
जिलाधीश ने स्पष्ट किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिला झज्जर में 9 नवंबर 2026 से सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा। इसके बाद किसी भी प्रकार के पटाखों की अनुमति नहीं होगी। प्रदूषण और स्वास्थ्य प्रभावों की होगी नियमित निगरानी उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को वायु गुणवत्ता की दैनिक निगरानी करने तथा दीपावली से पहले, दीपावली के दौरान और बाद की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
नियमों के अनुरूप ही ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करें नागरिक
जिलाधीश वर्षा खांगवाल ने पटाखों के दुष्प्रभावों तथा प्रमाणित ग्रीन पटाखों की पहचान को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे पर्यावरण और स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के निर्देशों की पालना करें तथा निर्धारित नियमों के अनुरूप ही ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रतिबंधित पटाखों की जब्ती, सुरक्षा राशि जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
