शिकायतों की जांच में देरी न करें अधिकारी, सभी पक्षों को सुनवाई में करें शामिलरू उपाध्यक्ष रेणु डाबला
-हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग की उपाध्यक्ष रेणु डाबला ने 19 शिकायतों की सुनवाई की
सिरसा, 09 अक्टूबर।
हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग की वाइस चेयरपर्सन रेणु डाबला ने शुक्रवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई की। आयोग के समक्ष 19 शिकायतें रखी गई जिनमें से आठ शिकायतों की सुनवाई अब आयोग के मुख्यालय में की जाएगी, जबकि सात शिकायतों का मौके पर समाधान कर दिया गया तथा चार शिकायतों में दोनों पक्ष हाजिर नहीं थे, इसलिए उनकी सुनवाई आगामी बैठक तक टाल दी गई है। बैठक में उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन, सीटीएम अजय कुमार, डीएसपी राजवीर, डीएसपी ललित कुमार, जिला कल्याण अधिकारी राकेश, रत्नलाल बामणिया, सुरेंद्र आर्य, सुमन शर्मा, अंबर मेहता आदि मौजूद रहे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद तीन शिकायतों में पुलिस प्रशासन को पुनः जांच के निर्देश दिए गए। जबकि सामान्य प्रशासन से जुड़ी कुछ शिकायतों में जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आयोग की उपाध्यक्षा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो शिकायतें उन्हें प्राप्त होती है, उनकी जांच में किसी प्रकार विलंब न हो और जांच में सभी पक्षों को शामिल किया जाए।
उपाध्यक्षा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आयोग में अनुसूचित जाति से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि आयोग में शिकायत आने के बाद उसकी कई स्तर पर जांच की जाती है, यदि कोई पक्ष संतुष्ट नहीं है तो उसे दोबारा से सूचना जाती है। उन्होंने बताया कि जिन मामलों में मुआवजा दिया जाना होता है, उसके लिए भी समय सीमा तय है और उसी के अनुसार समय पर सभी कार्यवाही करनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आर्थिक सहायता दी जानी होती है, उन मामलों में जल्द कार्यवाही के आयोग निर्देश पहले भी दे चुका है। यदि आर्थिक सहायता मिलने या सुनवाई में किसी प्रकार की दिक्कत आ रही है तो वह आयेाग को लिख सकता है। आयोग हमेशा सुनवाई के लिए तैयार रहता है। पीड़ित की समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो और उसे पूर्ण न्याय मिले यह आयोग की प्राथमिकता में शामिल है।
