मुख्यमंत्री की घोषणाओं को तय समय में पूरा करें अधिकारी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : उपायुक्त महेंद्र पाल

 
 मुख्यमंत्री की घोषणाओं को तय समय में पूरा करें अधिकारी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : उपायुक्त महेंद्र पाल

 

कहा, घोषणाओं की प्रगति कागजों तक सीमित न रहे, स्थल निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति जांचें
हिसार, 
जिला में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा को लेकर मंगलवार को उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित विकास कार्यों की प्रगति, लंबित योजनाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं जन अपेक्षाओं से जुड़ी हैं और इनकी पूर्ति सरकार की प्राथमिकता में है। इसलिए सभी विभागों के अधिकारी गंभीरता से कार्य करते हुए योजनाओं और निर्माण कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा तय समयसीमा के भीतर पूरा करवाएं। उन्होंने कहा कि घोषणाओं का उद्देश्य आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना और क्षेत्र के विकास को गति देना है। ऐसे में अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी जवाबदेही के साथ करें। बैठक में उपायुक्त को अवगत करवाया गया कि बरवाला में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत सामुदायिक केंद्र का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे वर्ष 2027 में पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार से गांव खरड़ में कुश्ती हॉल के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। यह कार्य भी सितंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। गांव मंगाली में परचेज सेंटर स्थापित किए जाने की दिशा में भी कार्यवाही की जा रही है।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने शहरी स्थानीय निकाय व अन्य निर्माण एजेंसियों को सख्त हिदायत दी कि वे हिसार शहरी में मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण को लेकर गंभीरता दिखाएं। उन्हें अवगत करवाया गया कि पहले मल्टी स्टोरी पार्किंग की जो ड्राइंग थी, उसमें बदलाव हुआ है। अब पार्किंग का डिजाइन यू शेप का बनेगा। इसके अलावा स्टड फार्म के समीप रेलवे लाइन पर आरओबी बनाए जाने में हो रही देरी पर भी सख्ती दिखाते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया। अधिकारियों ने बताया कि 2025 में हिसार आरओबी को टेंडर कर दिया गया था, लेकिन किन्हीं कारणवश इसमें बदलाव करना पड़ा। अब जल्द ही इसका दोबारा टेंडर किया जाएगा। उपायुक्त ने पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के लिए जगह चिन्हित करने, अग्रोहा में संग्रहालय की स्थापना करने तथा हवाई अड्डा परिसर में महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर भी जल्द से जल्द आगामी कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि घोषणाओं की प्रगति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक असर मौके पर दिखाई देना चाहिए। अधिकारी समय-समय पर स्थल निरीक्षण करें और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, कार्य की गति तथा निर्धारित मानकों की जांच करें। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और सरकारी संसाधनों का उचित उपयोग किया जाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विभाग मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित कार्यों की प्रतिदिन निगरानी करें और उनकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट रखें। यदि किसी योजना या निर्माण कार्य में भूमि, बजट, प्रशासनिक स्वीकृति अथवा अन्य विभागीय समन्वय से संबंधित कोई बाधा आ रही है, तो उसका स्पष्ट विवरण तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाया जाए, ताकि आवश्यक निर्णय लेकर समस्या का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं पर अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है, उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की पहचान कर जल्द समाधान किया जाए।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, एसीयूटी विवेक यादव, नगराधीश रोहित कुमार, सीएमजीजीए अमोल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।