- नए वोट बनवाने और त्रुटि दुरूस्त करने के लिए नागरिकों को जरूरी दस्तावेजों के बारे में जागरूक किया जाए
जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने साहिल गुप्ता ने एसआईआर को लेकर दिए जरूरी निर्देश
भिवानी, 9 सितंबर। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने सभी निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के कार्यों में तेजी लाएं। एक लाख 57 हजार 616 नोटिस दिए जाने थे, जिनमें से एक लाख 57 हजार 268 नोटिस दिए जा चुके हैं, शेष 348 नोटिस दो दिन में वितरित करवाएं। उन्होंने कहा कि नए वोट बनवाने अथवा मतदाता सूची में नाम आदि त्रुटि को दुरुस्त करवाने के लिए 11 दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं, इनके बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा है कि दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया 31 जुलाई से शुरू हो चूकी है, जिसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। प्राप्त दावे आपत्तियों को निपटारा कर पात्र व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाएंगे। उन्होंने निवार्चन पंजीयन अधिकारियों को फॉर्म नंबर 6, 7 व 8 का समयबद्ध निपटारा करने तथा दावे-आपत्तियों की सूचियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नियमित रूप से उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, फॉर्म नंबर 9, 10 व 11 प्रतिदिन नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- मतदाता सूची में नए वोट/ त्रुटि ठीक करवाने के लिए 11 दस्तावेज हैं निर्धारित
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गुप्ता ने निर्देश देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नए वोट बनवाने अथवा मतदाता सूची में नाम आदि त्रुटि को दुरुस्त करवाने के लिए 11 दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं, जिनमें केंद्रीय/राज्य/पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश, 01.07.1987 से पहले भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/दस्तावेज, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक परीक्षा/शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण-पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र शामिल हैं। इन दस्तावेजों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
