एस ट्रिब्यूट होने को लेकर पात्र झील में चिंता की आवश्यकता नहीं: चुनावी दावा हनुमान दास
सीया, 03 सितंबर। हरियाणा में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान झील के बीच मिलान न मिलना और पुराना दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, जिसे लेकर पैदा होना हो रही है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य का उद्देश्य किसी पात्र का नाम छोड़ना नहीं, बल्कि पात्र सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिपूर्ण बनाना है।
उन्होंने बताया कि ऐसे कई कलाकार हैं, जो हरियाणा में लंबे समय से निवास कर रहे हैं और वर्षों से यहां मतदान कर रहे हैं। ऐसे में कुछ पुरातात्विक अभिलेख या अन्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण चिंता की स्थिति बन रही है। उन्होंने बताया कि केवल प्राचीन अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के आधार पर किसी भी व्यक्ति को पात्र नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पात्रों की पात्रता का परीक्षण किया जाएगा।
जन्मतिथि के आधार पर पात्रता की आवश्यकता
एक जुलाई 1987 से पहले संदिग्ध व्यक्ति अपनी योग्यता के प्रमाण के लिए निर्धारित सूची में से स्वयं का कोई दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच संदिग्ध व्यक्ति को अपना और माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज़ प्रस्तुत करना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद सामावादी व्यक्ति को अपना, पिता और माता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किया जाएगा। यदि माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं हैं तो जन्म के समय उनका वैध वजीर और पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुतीकरण करना होगा।
यदि किसी व्यक्ति का जन्म भारत से बाहर हुआ है तो भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म रजिस्टर का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले व्यक्ति को नागरिकता पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
इन दस्तावेजों से पता चल सकता है
कि केंद्र, राज्य सरकार, पीएससी या पेंशनभोगी द्वारा जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में सरकार, स्थानीय धार्मिक, बैंक, बैंक, एलआईसी या पीएससी द्वारा जारी पहचान पत्र या योग्यता सूची में जाति-पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र और पासपोर्ट शामिल हैं।
इसके अलावा मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का प्रमाणित प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, वैधानिक प्रमाण पत्र द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, एससी या एसटी प्रमाण-पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर और सरकार द्वारा जारी भूमि या स्वामित्व प्रमाण पत्र-पत्र भी शामिल हैं। आधार से संबंधित दस्तावेज भी इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
सूची में नाम अवश्य जाँचें
चुनाव नामांकन ने सभी पात्र अभिलेखों से अपील की कि वे प्रारंभिक नामांकन सूची में अपना नाम जांच लें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है या नाम में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो संबंधित प्रक्रिया के लिए प्रारूप-6 या प्रारूप-8 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्ति अपने माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी से संबंधित विवरण भी डाक से भर सकता है। यदि किसी व्यक्ति के पास पिछली गहनता पुनरीक्षण की पात्रों की सूची का रिकॉर्ड या विवरण उपलब्ध नहीं है तो जन्म वर्ष के लिए आवश्यक दस्तावेज के लिए नए आवेदन के लिए पुस्तिका-6 और शुद्धि एवं पुरालेख के लिए पुस्तिका-8 के साथ संलग्न किया जा सकता है। नाम सूची से निकालकर फ़ॉर्मेट-7 भरा जा सकता है।
नामांकन संख्या 1950 पर संपर्क
चुनाव आदर्श हनुमान दास ने बताया कि किसी भी समस्या की स्थिति में पासपोर्ट या पंजीकरण पंजीकरण अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा 1950 से भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दिशानिर्देश प्राप्त किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र पात्र के फ्रैंचाइज़ी की सुरक्षा सेवा की जिम्मेदारी है और एस पात्र की प्रक्रिया पूरी तरह से कार्यरत है और चित्रकार आयोग द्वारा स्थापित की जा रही है।
