राष्ट्रीय एवं ई-लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को

 
 राष्ट्रीय एवं ई-लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को

 राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र एवं आपसी सहमति से निपटारे के लिए 12 सितंबर को जिला स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत एवं ई-लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव पवन कुमार ने बताया कि लोक अदालत आम नागरिकों के लिए विवादों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुलझाने का एक सुलभ और प्रभावी माध्यम है, जहां दोनों पक्षों की सहमति व राजीनामे के आधार पर विवादों का अंतिम निस्तारण किया जाता है। इस लोक अदालत में मुख्य रूप से बैंक ऋण एवं रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, शमनीय फौजदारी मामले, राजस्व, वैवाहिक विवाद तथा अन्य सभी आपसी समझौते योग्य दीवानी मामलों की सुनवाई की जाएगी।
सीजेएम पवन कुमार ने आगे बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान ई-लोक अदालत के माध्यम से भी मामलों के निस्तारण की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत निर्धारित पात्र मामलों में पक्षकार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या ऑनलाइन माध्यम से अदालती कार्यवाही से जुड़ सकते हैं, जिससे न्यायालय परिसर तक आने में असमर्थ अथवा बाहर रहने वाले पक्षकारों के समय और यात्रा व्यय दोनों की बचत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक अदालत में किसी की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए सर्वमान्य समाधान निकाला जाता है। इसके तहत पारित फैसले अंतिम होते हैं और उनके विरुद्ध सामान्यत: अपील का कोई प्रावधान नहीं होता, जिससे वर्षों से खिंच रहे मुकदमों का हमेशा के लिए पटाक्षेप हो जाता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित समझौता योग्य मामलों को 12 सितंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में रखवा कर इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।