फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर प्रशासन सख्त, क्विक रेस्पॉन्स टीमें रहें सक्रिय; ड्रोन से भी होगी निगरानी
डीसी वर्षा खांगवाल का आमजन से आह्वान-पर्यावरण संरक्षण को दें बढ़ावा
झज्जर, 06 अक्टूबर।
जिला की सीमा में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने, पराली जलाने व प्रदूषण फैलाने वाले घटकों पर प्रभावी रोक लगाने और वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करते हुए फील्ड में नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने संभावित पराली जलाने की घटनाओं की तत्काल सूचना और प्रभावी कार्रवाई के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमें सक्रिय रखने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। इसलिए किसानों को निरंतर जागरूक करते हुए पराली न जलाने और फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
फील्ड विजिट के साथ संभावित क्षेत्रों पर रखें पैनी नजर
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और पराली जलाने की आशंका वाले क्षेत्रों में पहले से प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले संभावित स्रोतों की निगरानी के लिए आवश्यकता अनुसार ड्रोन का उपयोग करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने भुवन एप और सीआरएम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
पराली खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि
डीसी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के तहत पराली को खेत में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना सहित फसल अवशेष प्रबंधन की उपलब्ध तकनीकों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए।
उन्होंने पंचायतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने तथा किसानों के साथ निरंतर संवाद करने के निर्देश दिए। किसानों को पराली प्रबंधन से होने वाले पर्यावरणीय और कृषि संबंधी लाभों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता के लिए पराली जलाने की समस्या का प्रभावी समाधान जरूरी है। जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करते हुए फसल अवशेष न जलाएं और उपलब्ध फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
