आईटीआई गुढ़ा में गूंजा ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश

 
 आईटीआई गुढ़ा में गूंजा ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश



-प्रशिक्षणार्थियों ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का लिया संकल्प, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से आत्मनिर्भरता को मिलेगी मजबूती

झज्जर, 9 अक्टूबर

 देश की आत्मनिर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, झज्जर एट गुढ़ा में सेवा संकल्प अभियान के तहत  ‘वोकल फॉर लोकल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीसी वर्षा खांगवाल के दिशा-निर्देशानुसार तथा संस्थान के प्राचार्य जीतपाल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
स्थानीय उत्पादों को अपनाना, स्थानीय सपनों को संवारना
प्राचार्य जीतपाल ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को प्राथमिकता देना केवल खरीदारी का विषय नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, बुनकरों और छोटे उद्यमियों के सपनों को मजबूती देने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं, हस्तशिल्प, हथकरघा और खादी उत्पादों को अधिक से अधिक अपनाएं। उन्होंने कहा कि जब हम स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं तो उसका सीधा लाभ हमारे अपने क्षेत्र के कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों तक पहुंचता है। इससे स्थानीय बाजार को गति मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम बढ़ता है।
युवा शक्ति बनेगी आत्मनिर्भर भारत की मजबूत कड़ी
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को समझाया गया कि युवा केवल स्थानीय उत्पादों के उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि भविष्य के कुशल कारीगर, उद्यमी और रोजगार सृजक भी हैं। इसलिए स्थानीय हुनर और उत्पादों को पहचान एवं बाजार उपलब्ध कराने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में संस्थान के सभी स्टाफ सदस्यों सहित लगभग 450 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने तथा स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया।