फरवरी 2027 में विधानसभा सत्र के दौरान जिलावार विशाल विरोध प्रदर्शन

 
फरवरी 2027 में विधानसभा सत्र के दौरान जिलावार विशाल विरोध प्रदर्शन

26 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसान आंदोलन की गूंज

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विकल्प के रूप में "जन शिक्षा नीति - 2026" लागू करने के लिए राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षर अभियान

रोजगार के संवैधानिक अधिकार के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन

महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा व न्याय के लिए पुलिस व न्याय-तन्त्र हो चुस्त-दुरुस्त

किसान मजदूर छात्र युवा महिला महापंचायत में हजारों लोगों ने पूरे जोश-खरोश के साथ भागीदारी की। 

महापंचायत ने एकस्वर में संकल्प लिया कि 

"नवजागरण के अग्रदूतों, महान साहित्यकारों, क्रांतिकारी शहीदों के जीवन संघर्षों व उनकी महान विरासत को जनता में ले जाने के व्यापक अभियान के माध्यम से मेहनतकशों के निर्मम शोषण व भीषण आर्थिक दुर्दशा के खिलाफ और सामाजिक एकता व परस्पर भाईचारे को सुदृढ़ करने के लिए जोरदार प्रदेशव्यापी संयुक्त आंदोलन गठित किए जाएंगे। 

इस कड़ी में 3 नवंबर को सरकार को जिलावार ज्ञापन दिए जाएंगे। बाजरा व धान की एमएसपी रेट पर समुचित खरीद करने, सस्ता व असली खाद-बीज समय पर उपलब्ध कराने, गुड़गांव व नूंह समेत बिजली के निजीकरण पर मुकम्मल रोक लगाने, शामलात भूमि हड़पने और लैंड पुलिंग स्कीम पर रोक लगाने, फसल खराबे का प्रति एकड़ ₹50,000 मुआवजा देने, पेयजल व सिंचाई के लिए नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने, कृषि विश्वविद्यालय में रिसर्च सेवाएं बहाल करने, बुढ़ापा पेंशन ₹10,000 महीना लागू करने, महिलाओं की सुरक्षा व न्याय के लिए पुलिस व न्याय प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने, प्रदेश में 8 घंटे का कार्य दिवस और सभी स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और मिड-डे-मील, आशा व आंगनवाड़ी कर्मियों समेत सभी मजदूरों का 42,000 मासिक वेतन लागू करने, हरियाणा रोजगार कौशल योजना को वापस लेने, सभी कर्मचारियों को पक्का करने, ग्रामीण गरीबों को पूरा साल काम देने, सरकारी स्कूलों के हालात सुधारने, नशाखोरी पर रोक लगाने, पंचायतों को टैक्स मुक्त करने, प्रदेश में हरियाणा रोडवेज का बेड़ा बढ़ा कर सस्ती व सुलभ बस सेवाएं सुनिश्चित करने,

प्राइवेट बसों में बुजुर्गों का आधा किराया व निशुल्क छात्र-पास सुविधा लागू करने, लोगों के जी-का-जंजाल बन चुकी परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) स्कीम रद्द करने, प्रॉपर्टी आईडी सम्बन्धी समस्याओं का त्वरित समाधान करने की प्रमुख मांगों को हासिल करने तक आंदोलन जारी रहेगा। 3 नवंबर को जिलावार ज्ञापन दिए जाएंगे, मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी और यदि अनदेखी की गई तो फरवरी 2027 विधानसभा सत्र के दौरान जिला स्तर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। 

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 नवम्बर को दिल्ली में हजारों किसान आन्दोलन में शामिल होंगे।

सभी फसलों के लिए लागत से डेढ़ गुना (सी2+50%) एमएसपी रेट पर तमाम फसलों की सरकारी खरीद का कानून बनाने, कर्ज मुक्ति लागू करने, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता-वार्ता पर पूर्ण विराम लगाने, चार लेबर कोड रद्द करने, एसआईआर रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर दंडित करने, मतदाता सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नाम मतदाता सूची में बहाल करने आदि की मांगों को हासिल करने के लिए हरियाणा प्रदेश से 26 नवंबर को दिल्ली राजधानी में हजारों की संख्या में किसान, खेत मजदूर भागीदारी करेंगे। साथ ही प्रदेश राजधानियों में जोरदार विरोध प्रदर्शन होंगे। लोगों के जनतांत्रिक अधिकारों के दमन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

महापंचायत ने सिंघु व टिकरी बॉर्डरों पर दिल्ली किसान आंदोलन में शहीद हुए 736 किसानों की याद में शहीद स्थल बनाने के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।

महापंचायत ने प्रदेश के मेहनतकशों पर थोपी जा  रही जनविरोधी नीतियों का कड़ा विरोध किया और कहा कि ये नीतियां सिर्फ किसी एक खास पार्टी या गठबंधन सरकार की नहीं हैं अपितु शोषक पूंजीपति वर्ग की हैं। सरकार तो मात्र मुखौटा है, उनकी प्रबन्धक-मण्डली है। इसलिए महापंचायत में जन आंदोलनों को पूंजीवाद-विरोधी दिशा में विकसित करने के लिए हर स्तर पर जन संघर्ष कमेटियों का गठन करने का आह्वान किया।

हरियाणा में घर-घर में सुशिक्षित कुशल युवक-युवतियां बेरोजगार हैं। उनकी प्रतिभाएं बर्बाद हो रही हैं। सरकार की नीतियां रोजगार छीनने की तो हैं लेकिन देने की नहीं हैं। साथ ही शिक्षा के जनतांत्रिक ढांचे को ध्वस्त कर और पाठ्यक्रम के वैज्ञानिक व धर्मनिरपेक्ष विषय वस्तु को निकाल बाहर किया जा रहा है। इसलिए रोजगार के संवैधानिक अधिकार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विकल्प के रूप में "जन शिक्षा नीति - 2026" लागू करने के लिए राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। 

महापंचायत का सुनिश्चित मत है कि केवल जनआंदोलनों के माध्यम से ही जनता अपनी मांगों को मनवा सकती है।

महापंचायत का आयोजन ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, श्रमिक संगठन - ए आई यू टी यू सी, महिला सांस्कृतिक संगठन, युवा संगठन - ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त  तत्वाधान में आयोजित की गई। महापंचायत की अध्यक्षता किसान श्रमिक नेता अनूप सिंह मातनहेल, मास्टर जयकरण मांडौठी, ईश्वर सिंह राठी, रिटायर्ड मुख्याध्यापक सूबे सिंह यादव व महिला नेत्री बिमला देवी ने किया।

महापंचायत को मुख्य रूप से ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेता कॉमरेड सत्यवान, शहीद-ए-आजम भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री , जे एन यू के रिटायर्ड प्रोफेसर अरुण कुमार, 

एआईयूटीयूसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह व प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट, स्कीम वर्कर्स फेडरेशन स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की महासचिव इस्मत अरा खातून, किसान नेता ओमप्रकाश धनखड़, उमराव सिंह, प्रदीप हुड्डा, पुष्पा दलाल, कॉमरेड इंद्रजीत, संतोष देवी, राजबाला देवी, छात्र नेता श्रेया, युवा नेता हरीश कुमार और अनूप सिंह मातनहेल इत्यादि ने संबोधित किया।

महापंचायत में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में किसान, मजदूर, छात्र, युवा एवं महिलाओं ने हिस्सा लिया।