हालसा की संयुक्त सदस्य सचिव मानविका यादव ने डलसा रोहतक एवं जिला जेल में विधिक सहायता क्लीनिक का किया निरीक्षण:-

 
 हालसा की संयुक्त सदस्य सचिव मानविका यादव ने डलसा रोहतक एवं जिला जेल में विधिक सहायता क्लीनिक का किया निरीक्षण:-


रोहतक 7 अक्तूबर: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एचएएलएसए) की संयुक्त सदस्य सचिव सुश्री मानविका यादव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) रोहतक का दौरा कर यहां प्रदान की जा रही विधिक सेवाओं तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला जेल रोहतक स्थित बंदी विधिक सहायता क्लीनिक का भी गहन निरीक्षण किया।
संयुक्त सदस्य सचिव सुश्री मानविका यादव ने जिला जेल में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता, उनके कानूनी अधिकारों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बंदियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने जिला जेल परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसके उपरांत उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोहतक के अग्रिम कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय में उपयोग किए जा रहे विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों की जांच की तथा आमजन एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को अग्रिम कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी परामर्श एवं अन्य विधिक सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।
सुश्री मानविका यादव ने बच्चों के लिए विधिक सेवा इकाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायालय परिसर में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उनके लिए अनुकूल वातावरण तथा विधिक सहायता की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान बच्चों से संबंधित राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं तथा बच्चों के लिए विधिक सेवा इकाई के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों तथा बच्चों तक विधिक सेवाओं का लाभ प्रभावी, सरल एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क एवं सुलभ कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना है।
इस अवसर पर डॉ. तरन्नुम खान, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोहतक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।