गांव रायपुर में युवाओं ने नशे का पुतला बनाकर दिया नशामुक्ति का संदेश, दशहरे पर बुराई मिटाने का लिया संकल्प
हिसार, 21 अक्टूबर ।
दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण के दहन के साथ समाज से नशे जैसी बुराई को समाप्त करने का संदेश देने के लिए गांव रायपुर में युवाओं ने अनूठी पहल की। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के आह्वान पर गांव के युवाओं ने नशा रूपी रावण का पुतला तैयार किया। निकिता सैनी और उसकी टीम ने इस पहल के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
नशा मुक्त भारत अभियान के नशा मुक्त मित्र एवं सिविल अस्पताल हिसार में कार्यरत राहुल शर्मा ने नशा रूपी रावण पर जागरूकता पोस्टर लगाकर लोगों से इस सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा भी रावण की तरह अनेक बुराइयों का प्रतीक है, जो व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ पूरे परिवार की खुशियां छीन लेता है। नशे की लत से परिवारों में तनाव बढ़ता है और घरेलू हिंसा, मारपीट तथा अन्य अपराधों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, वहीं महिलाओं को मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ती है।
राहुल शर्मा ने कहा कि नशा केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। संक्रमित सुइयों के इस्तेमाल से एचआईवी/एड्स और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। वहीं शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ भी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसलिए नशे से दूर रहना और जरूरत पड़ने पर नशामुक्ति के लिए सहायता लेना जरूरी है।
उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से अपील की कि दशहरे पर केवल पुतले के रावण का दहन न करें, बल्कि नशे रूपी बुराई को समाप्त करने का संकल्प भी लें। त्योहारों को नशे से दूर रहकर मनाएं और अपने परिवार, गांव तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर निकिता सैनी, सुमित सैनी, जतिन सैनी, आदित्य सैनी, यशवी सैनी, वृंदा शर्मा सहित अन्य युवा एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
