प्रति मधुमक्खी पालक 250 कॉलोनियों और बक्सों तक बीमा का लाभ, 50 रुपये प्रति कॉलोनी व बॉक्स निर्धारित किया गया शुल्क

 
प्रति मधुमक्खी पालक 250 कॉलोनियों और बक्सों तक बीमा का लाभ, 50 रुपये प्रति कॉलोनी व बॉक्स निर्धारित किया गया शुल्क

झज्जर,

राज्य  सरकार द्वारा  मधुमक्खी पालन व्यवसाय से जुड़े किसानों और उद्यमियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल किया है। इससे मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य निर्धारित परिस्थितियों में होने वाले नुकसान से आर्थिक राहत मिल सकेगी। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि यह पहल मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देने और किसानों की आय को सुरक्षित बनाने में सहायक होगी।
डीसी ने बताया कि योजना के तहत बाढ़ के कारण मधुमक्खियों की कॉलोनियों और बक्सों के पानी में डूबने, आग लगने से नुकसान होने तथा परिवहन के दौरान दुर्घटना के कारण होने वाली क्षति को बीमा कवर में शामिल किया गया है। परिवहन के दौरान दुर्घटना का बीमा लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि दुर्घटना हरियाणा राज्य के भीतर हुई हो और उसके संबंध में आधिकारिक एफआईआर या डीडीआर दर्ज कराई गई हो। इसके अलावा, मधुमक्खियों में महामारी के कारण होने वाले नुकसान की स्थिति में भी योजना के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
प्रति कॉलोनी और बॉक्स के लिए 50 रुपये बीमा शुल्क
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियों और बक्सों की सीमा निर्धारित की गई है। इसके लिए मधुमक्खी पालकों का भावांतर भरपाई योजना-शहद के तहत पंजीकरण होना अनिवार्य है। साथ ही, प्रत्येक बॉक्स पर भावांतर भरपाई योजना का यूनिट नंबर देना भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रति कॉलोनी 50 रुपये और प्रति बॉक्स 50 रुपये बीमा शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके बदले में पात्र मधुमक्खी पालकों को प्रति कॉलोनी 1,250 रुपये और प्रति बॉक्स 1,250 रुपये की बीमा राशि का प्रावधान है। अधिकतम बीमा राशि निर्धारित पात्रता और योजना के नियमों के अनुसार प्रति कॉलोनी तथा प्रति बॉक्स 3,12,500 रुपये तक हो सकती है।
मधुमक्खी पालन किसानों की  आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम
डीसी वर्षा खांगवाल ने जिला के मधुमक्खी पालकों से आह्वान किया कि वे सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक पंजीकरण और औपचारिकताएं समय पर पूरी करें। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस प्रकार की योजनाओं से व्यवसाय में संभावित जोखिमों के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।उन्होंने बताया कि योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए मधुमक्खी पालक जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय झज्जर  से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उद्यान विभाग, हरियाणा के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर कॉल करके भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।