अंदर जनता की समस्याएं सुनते रहे प्रो. गणेशी लाल, बाहर मनीष सिंगला ने भोजन कराकर पेश की मिसाल

 
अंदर जनता की समस्याएं सुनते रहे प्रो. गणेशी लाल, बाहर मनीष सिंगला ने भोजन कराकर पेश की मिसाल

सिरसा। पंचायत भवन में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा का एक अत्यंत दुर्लभ व भावुक दृश्य देखने को मिला। पंचायत भवन के सभागार में जहां ओडिशा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठकर जिले भर से आए लोगों की समस्याओं व शिकायतों का निवारण कर रहे थे, वहीं सभागार के ठीक बाहर उनके पुत्र मनीष सिंगला अपनी टीम के साथ फरियादियों की भूख मिटाने के सेवा कार्य में जुटे हुए थे। कष्ट निवारण समिति की बैठक में अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर सुबह से ही जिले के दूर-दराज के गांवों और कस्बों से बुजुर्ग, महिलाएं और आम नागरिक पहुंचे थे।

प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते कई घंटे इंतजार कर रहे इन लोगों की स्थिति को समझते हुए 'हारे का सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट' के प्रधान मनीष सिंगला अपनी 'नंदीघोष वैन' लेकर पंचायत भवन पहुंचे। उन्होंने सभागार के बाहर कतारबद्ध तरीके से सभी फरियादियों, सुरक्षाकर्मियों और वहां मौजूद आम नागरिकों को सम्मानपूर्वक बिठाकर शुद्ध देसी घी और पौष्टिक सामग्री से तैयार ताजा व गर्म भोजन परोसा। बैठक में पहुंचे लोगों और अधिकारियों के बीच यह पिता-पुत्र की जोड़ी चर्चा का केंद्र बनी रही।

एक ओर पिता प्रो. गणेशी लाल अपने लंबे राजनीतिक अनुभव से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मिलकर जनता के कष्ट दूर करने में सहयोग कर रहे थे, तो दूसरी ओर पुत्र मनीष सिंगला बिना किसी औपचारिकता के जमीन पर उतरकर 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के संकल्प को निभा रहे थे।इस अवसर पर मनीष सिंगला ने कहा कि दूर-दराज से आने वाले लोग अक्सर सुबह जल्दी बिना खाए-पिए निकल पड़ते हैं। सुनवाई में समय लगने के कारण उन्हें घंटों भूखा रहना पड़ता है। ट्रस्ट का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी व्यक्ति यहां से भूखे पेट न जाए।

बैठक में आए फरियादियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समस्याओं के मानसिक तनाव और लंबी प्रतीक्षा के बीच शुद्ध भोजन मिलना किसी वरदान से कम नहीं था। इस मौके पर निजी सचिव योगेश बिजारनिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।