हिसार में तीन सडक़ों के सुधारीकरण को मिली मंजूरी, 20 करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च
हिसार
हिसार जिले की तीन ग्रामीण सडक़ों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया को मंजूरी मिली है। इन कार्यों पर करीब 20 करोड़ 16 लाख 19 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। सडक़ों के सुधारीकरण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
यह जानकारी देते हुए हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि मंजूर किए गए कार्यों में बरवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव खरड़ अलीपुर से ढाणी रायपुर तक करीब 5.79 किलोमीटर लंबी इस सडक़ के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 17 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपये खर्च किए जाएंगें। इसके अलावा सडक़ पर जल निकासी के लिए नालियों, पुलियों, संकेतक बोर्ड और अन्य जरूरी सुरक्षा सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार गांव रायपुर से शिकारपुर तक 1.98 किलोमीटर सडक़ के सुदृढ़ीकरण के लिए 1 करोड़ 25 लाख 59 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इस सडक़ पर मौजूदा सडक़ की सतह को दुरुस्त करने के साथ नई परत बिछाई जाएगी। इसके अलावा न्याणा से शिकारपुर तक 2.21 किलोमीटर सडक़ के सुदृढ़ीकरण के लिए 1 करोड़ 59 लाख 55 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है। इस सडक़ पर सुदृढ़ीकरण के साथ जंक्शन सुधार, पुलियों, साइड ड्रेन और सडक़ सुरक्षा से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि इन तीनों सडक़ों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। सडक़ें मजबूत होने से लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी तथा किसानों, विद्यार्थियों और अन्य वाहन चालकों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सडक़ नेटवर्क को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य गांवों को बेहतर सडक़ संपर्क से जोडऩा और लोगों की आवाजाही को सुरक्षित व सुगम बनाना है।
बुनियाद केंद्रों में पढ़ाई पर रहेगा पूरा फोकस, प्राचार्यों को दिए निर्देश
एचकेआरएनएल के पीजीटी प्राध्यापकों को दूसरे कार्यों में न लगाने और विद्यार्थियों की सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर
हिसार, 16 अक्टूबर।
बुनियाद कार्यक्रम को प्रभावी बनाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी राम रतन की अध्यक्षता में जिले के सभी बुनियाद केंद्रों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी अमोल और जिला विज्ञान विशेषज्ञ नरेंद्र भाटिया भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने केंद्रों में शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की सुविधाओं और कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।
जिला शिक्षा अधिकारी राम रतन ने निर्देश दिए कि बुनियाद के विद्यार्थियों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और कक्षाओं से संबंधित समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत नियुक्त पीजीटी प्राध्यापकों को अन्य कक्षाओं या विद्यालय के दूसरे कार्यों में न लगाकर उनका पूरा ध्यान बुनियाद के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर केंद्रित रखा जाए। उनकी नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में प्राचार्यों, प्राध्यापकों और अध्यापकों को सप्ताह में कम से कम एक बार बुनियाद के विद्यार्थियों से संवाद करने के निर्देश दिए गए, ताकि उनकी समस्याओं को समझकर उचित मार्गदर्शन दिया जा सके। साथ ही, पीजीटी प्राध्यापकों और बुनियाद कोऑर्डिनेटरों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर पेपर व कॉपी चेकिंग तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में उकलाना ब्लॉक में विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही बस सुविधा का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। प्राचार्यों को निर्देश दिए गए कि विद्यार्थियों की टीए राशि की मांग संबंधित तिमाही के अनुसार समय पर भेजें और स्वीकृत राशि उनके बैंक खातों में समय पर हस्तांतरित करवाएं। केंद्रों में सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए वाई-फाई और आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए जारी 40 हजार रुपये प्रति विद्यालय की राशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। जिले के छ: विद्यालयों के लिए जारी कुल 2.40 लाख रुपये के उचित उपयोग की समीक्षा के निर्देश दिए गए। इन्वर्टर और बैटरी की आवश्यकता वाले विद्यालयों को विद्यालय विकास निधि से नियमानुसार व्यवस्था करने को कहा गया। अधिकारियों ने बुनियाद के विद्यार्थियों के लिए खेलकूद या प्रयोगशाला गतिविधियों का पीरियड निर्धारित करने पर भी जोर दिया, ताकि पढ़ाई के साथ उनके व्यावहारिक ज्ञान और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिल सके। बैठक में सभी प्राचार्यों से निर्देशों की पालना करते हुए कार्यक्रम को प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने का आह्वान किया गया।
