देखा नहीं हमने आज तक ऐसा भकत विशाल, मातृ सदन घर पर लिखा और मां को दिया निकाल कविता सुनाई-लाडवाल
हिसार। प्रेरणा परिवार की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन शुभकरण गौड़ की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कवि जयभगवान लाडवाल ने किया, जबकि ऋषि सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गोष्ठी में शहर के साहित्यकारों एवं कवियों ने अपनी भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम की शुरुआत काव्य-पाठ से हुई।
इस मौके पर कवि जयभगवान लाडवाल ने कहा कि देखा नही हमने आज तक ऐसा मातृ भकत विशाल, मातृ सदन घर पर लिखा और मां को दिया निकाल कविता सुनाई। मास्टर कृष्ण इंदौरा ने सरल स्वभाव, छत्र लगाव, अमित प्रभाव, चिंताग्रस्त व्यापक है अध्ययन में व्यस्त राष्ट्र निर्माण अध्यापक है कविता सुनाई। लाल बहादुर शर्मा ने मां से मांगे मां ममता और पुत्र मांगे श्रवण की तरह भाभी मांगे देवर लक्ष्मण की तरह कविता सुनाई। रमेश दुहन ने गुरु की महिमा गाओ जिसने जीत लिया और संसार प्रभु से मिलने का सच सकते नही इंकार कविता सुनाई। कमलकार शुभकरण गौड़ ने हम तो आए थे आपने भतीजो का हाल जानने, हमें क्या मालूम था कि अपना दर्द बयां करना पडेगा। बीरेंद्र कौशल ने जिदंगी काम ना है प्यार का हर जगह फरेबी नही होती, गरीब के पैर में पाजेब नही होती। इस मौके पर ऋषि सक्सेना, लखबीर राजबाला अशोक गर्ग ने काव्य पाठ किया।
