​बच्चे स्वयं समय-समय पर अपनी आँखों की जाँच कैसे कर सकते हैं

 
​बच्चे स्वयं समय-समय पर अपनी आँखों की जाँच कैसे कर सकते हैं

 रामा ऑप्टिकल द्वारा सरकारी स्कूल, गाँव ढिंग तानिया में नेत्र जाँच शिविर का आयोजन एक बेहद सराहनीय और सामाजिक हित में उठाया गया कदम है। बच्चों में अक्सर नजर कमजोर होने की समस्या का पता तब चलता है जब पढ़ाई या बोर्ड पर देखने में काफी परेशानी होने लगती है, ऐसे में विजन टेस्टिंग चार्ट वितरित करना और बच्चों को खुद अपनी आँखों की जाँच करना सिखाना बहुत ही व्यावहारिक समाधान है।

रामा ऑप्टिकल के संचालक रामकृष्ण गोयल जी द्वारा दिए गए विजन टेस्टिंग चार्ट की मदद से बच्चे और उनके अभिभावक घर बैठे इन आसान चरणों (Steps) के जरिए अपनी आँखों की शुरुआती जाँच कर सकते हैं:

​चार्ट को सही ऊँचाई पर लगाएँ: विजन चार्ट को किसी दीवार पर अच्छी रोशनी (Natural Light) में इस प्रकार टाँगें कि चार्ट की मुख्य लाइन बच्चे की आँखों के बिल्कुल सीध में (Eye Level) हो।

​निश्चित दूरी बनाएँ: चार्ट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार बच्चे और चार्ट के बीच उचित दूरी (आमतौर पर 10 से 20 फीट या चार्ट पर लिखी गई निर्देशानुसार) तय करें।

​एक-एक करके आँख की जाँच (Occlusion Test):

​बच्चे से कहें कि वह अपने एक हाथ की हथेली से बिना दबाव डाले अपनी बाईं आँख को ढँक ले (या चश्मे के बिना एक आँख बंद रखे)।

​अब दाईं आँख से चार्ट पर लिखे अक्षरों या आकृतियों को ऊपर से नीचे की तरफ पढ़ना शुरू करें।

​इसके बाद यही प्रक्रिया बाईं आँख से करें (दाईं आँख को ढँक कर)।

​परिणाम समझें: यदि बच्चा ऊपर के बड़े अक्षर आसानी से पढ़ पा रहा है लेकिन नीचे की छोटी लाइन के अक्षरों को पढ़ने में असहज महसूस कर रहा है या धुंधला दिखाई दे रहा है, तो इसका मतलब है कि नजर कमजोर होने की शुरुआत हो रही है।