ACB के रडार पर हरियाणा का होमगार्ड महकमा:विभाग से तलब किया रिकॉर्ड, 18 जवानों के बयान दर्ज
हरियाणा होमगार्ड विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच की आंच अब तेज होती जा रही है। बयानों के दौर के बाद अब जांच एजेंसी रिकॉर्ड के गहराई से परीक्षण की तैयारी में है। तीसरे चरण में 18 और जवानों ने ACB के सामने पेश होकर अपनी गवाही दर्ज करवाई। जवानों के मुताबिक, इस मामले में अब तक करीब 50 जवान अपने बयान दर्ज करा चुके हैं।
ACB ने विभाग के अधिकारियों से केस से जुड़े मूल रिकॉर्ड और दस्तावेज तलब कर लिए हैं। अब जवानों द्वारा लगाए गए आरोपों और विभागीय रिकॉर्ड का आमने-सामना कराया जाएगा। जवानों का मानना है कि बयानों और फाइलों के मिलान के बाद ही फर्जीवाड़े की असल तस्वीर साफ हो पाएगी।
इन 3 बड़े मुद्दों पर जवानों ने उठाई जांच की मांग…
- गलत डिस्चार्ज और नए इनरोलमेंट: पुराने जवानों को कथित तौर पर गलत तरीके से हटाने (डिस्चार्ज) और उनकी जगह हुए नए इनरोलमेंट के आदेशों की निष्पक्ष जांच की मांग।
- वेलफेयर फंड का हिसाब: होमगार्ड वेलफेयर फंड में जमा की गई राशि और उसके खर्च के पूरे रिकॉर्ड की जांच की मांग।
- RTI की जानकारी का मिलान: पूर्व में RTI के जरिए दी गई जानकारियों का मूल विभागीय रिकॉर्ड से मिलान कराया जाए।
जींद, अंबाला और फतेहाबाद समेत कई जिलों के जवान पहुंचे
तीसरे चरण में बयान दर्ज कराने वालों में विकास रंगा (हांसी), उमेद (हेबतपुर-जींद), राकेश कुमार व संजय कुमार (फतेहाबाद), राजेश, राकेश, सतवीर, नानक व लहना सिंह (जींद), रामेश्वर व विश्राम (पलवल), धर्मराज, हरनेक, रामपाल व गुरप्रीत (अंबाला) और महावीर (कैथल) समेत कई अन्य जवान शामिल रहे।
लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, व्यवस्था में पारदर्शिता की है : अलेवा
होमगार्ड जवानों का नेतृत्व कर रहे कर्मबीर अलेवा ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए है। अब फैसला केवल जुबानी आरोपों से नहीं, बल्कि मूल रिकॉर्ड और ठोस तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। अगर रिकॉर्ड में कोई भी गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो दोषी अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई हो। जवान कानून के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई अंतिम अंजाम तक पहुंचाएंगे।
