एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनाने में सहयोग करें ग्राम पंचायतें  : डीसी

 
 एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनाने में सहयोग करें ग्राम पंचायतें  : डीसी


डीसी वर्षा खांगवाल ने एग्रीस्टैक फार्मर आईडी को लेकर  गांव बीरबरकताबाद, नूना माजरा का दौरा कर लिया स्थिति का जायजा

 जिलाभर के पात्र किसानों से एग्रीस्टैक आईडी के लिए  पंजीकरण कराने का किया आह्वान

कृषि एवं किसान कल्याण और राजस्व विभाग के अधिकारी जल्द पूरा करें आईडी कार्य

बहादुरगढ़, 22 अगस्त

जिलाभर में चल रहे एग्रीस्टैक फार्मर आईडी पंजीकरण को लेकर शनिवार को डीसी वर्षा खांगवाल ने गांव बीरबरकताबाद व नूना माजरा सहित कई क्षेत्रों का दौरा कर फार्मर आईडी कार्य का जायजा लिया और कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों,कर्मचारियों को निर्धारित समयावधि में आईडी पंजीकरण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच व एसडीओ कृषि डॉ. सुनील कौशिक भी साथ रहे।
उल्लेखनीय है कि जिला में किसानों की एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनाने को लेकर कृषि विभाग की टीमें मिशन मोड में सक्रिय हैं। विभागीय टीम ने गांवों में किसानों की फार्मर आईडी जनरेट करने, भूमि के भू-खंडों को संबंधित किसान की आईडी से जोड़ने तथा किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में डीसी शनिवार को गांव नूना माजरा पहुंची व ग्रामीणों से बातचीत के साथ ही गांव बीरबरकताबाद क्षेत्र के खेत में चल रही डिजिटल प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और फॉर्मर आईडी बनवाने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

हर पात्र किसान की फार्मर आईडी बनाने को मिशन मोड में करें कार्य
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला के प्रत्येक पात्र किसान की फार्मर आईडी बनाना सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य को कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी तत्काल समन्वय के साथ पूरा करें। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक के तहत फार्मर आईडी किसानों की पहचान और उनकी कृषि संबंधी जानकारी को एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक गांव में शिविर और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं ताकि किसान आसानी से अपना पंजीकरण करवाकर फार्मर आईडी प्राप्त कर सकें।

शत प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य
डीसी ने बताया कि जिला में किसानों को पंजीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कृषि विभाग को गांव स्तर पर शिविर लगाने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएससी केंद्रों तथा राजस्व विभाग के फील्ड कर्मचारियों के सहयोग से किसानों को फार्मर आईडी बनवाने और भूमि का विवरण जोड़ने में आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

किसानों को फार्मर आईडी के प्रति जागरूक करे कृषि विभाग
डीसी ने बताया कि गांवों का भू-संदर्भीकरण पूरा किया जा चुका है। अब संबंधित अधिकारियों को भूमि रिकॉर्ड को व्यवस्थित रूप से फार्मर आईडी से जोड़ने का कार्य तेजी से पूरा करना है। उन्होंने कहा कि किसानों को फार्मर आईडी के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जाए, ताकि वे विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं और डिजिटल सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।

डिजिटल क्रॉप सर्वे को प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश
डीसी वर्षा खांगवाल ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की भी समीक्षा की। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य प्रभावी क्रियान्वयन और आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
डीसी ने कहा कि एग्रीस्टैक फार्मर आईडी और डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसानों एवं आमजन को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाना है। सभी संबंधित विभाग समय रहते इस कार्य को पूरा करते हुए इन व्यवस्थाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।