आभा कवरेज बढ़ाने के लिए सरकारी व निजी संस्थान मिलकर करें प्रयास

 
 आभा कवरेज बढ़ाने के लिए सरकारी व निजी संस्थान मिलकर करें प्रयास

- आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित
भिवानी, 08 अक्टूबर। राज्य मिशन निदेशक के आह्वान एवं डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने की। उन्होंने कहा कि आभा केवल पहचान-पत्र नहीं, बल्कि नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोडऩे का माध्यम है। इसमें निजी अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों, विभिन्न एसोसिएशनों, सरकारी विभागों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कार्यशाला में बताया कि जिले में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि 06 अक्टूबर तक जिले की 12 लाख 94 हजार 461 आबादी में से 9 लाख 79 हजार 917 आभा पहचान-पत्र बनाए जा चुके हैं, जिससे आभा कवरेज 75.70 प्रतिशत हो गया है। शेष 3 लाख 14 हजार 544 नागरिकों को आभा से जोडऩे के लिए अभियान को और गति देने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि जिले में सरकारी क्षेत्र के नर्सिंग पेशेवरों का स्वास्थ्य सेवा पेशेवर रजिस्ट्री में पंजीकरण 100 प्रतिशत तथा चिकित्सकों का 96 प्रतिशत हो चुका है। भिवानी हरियाणा का पहला जिला है, जिसने सरकारी क्षेत्र के नर्सिंग पेशेवरों का 100 प्रतिशत पंजीकरण पूरा किया है।
कार्यशाला में फार्मासिस्टों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। कार्यशाला में सभी सरकारी विभागों से अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों की आभा बनाने का कार्य अभियान मोड में पूरा करने को कहा।  जिला शिक्षा कार्यालय के प्रतिनिधियों से जिले के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की आभा बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

डिजिटल स्वास्थ्य आंकड़े सही व अद्यतन होना जरूरी: डॉ. अनीता कत्याल
उप-सिविल सर्जन एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रभारी डॉ. अनीता कत्याल ने कहा कि आभा, स्वास्थ्य सेवा पेशेवर रजिस्ट्री और स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री में दर्ज जानकारी सही, सत्यापित एवं अद्यतन होनी चाहिए। मरीज की सहमति, निजता एवं गोपनीयता का पूरा ध्यान रखते हुए डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए। राज्य परियोजना समन्वयक डॉ. रितु चन्देल ने आभा, स्वास्थ्य सेवा पेशेवर रजिस्ट्री एवं स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री के तकनीकी पहलुओं और पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी तथा प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया।
 जिला सूचना प्रबंधक आयुष्मान भारत, विनोद कुमार ने प्रतिभागियों को लाइव आभा एवं स्वास्थ्य सेवा पेशेवर पहचान-पत्र बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। विनोद कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत-चिरायु योजना का दायरा बढ़ाया है। नए पंजीकरण एवं प्रीमियम भुगतान के लिए पोर्टल 30 नवंबर तक खुला रहेगा।