एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच में लाएं तेजी : अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल
- अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित
सिरसा, 09 सितंबर।
अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति-जनजाति के व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार या दुर्व्यवहार होता है तो पीड़ित परिवार को तुरंत प्रभाव से सहायता प्रदान की जाए। पीड़ित को समय पर मिली सहायता आर्थिक सबल बनाने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी मदद करती है। इसलिए किसी दुर्घटना या अत्याचार के शिकार व्यक्ति को समय पर आर्थिक मदद मुहैया करवाई जाए और इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आर्थिक सहायता देने में किसी प्रकार का विलंब न हो।
अतिरिक्त उपायुक्त बुधवार को लघु सचिवालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत दर्ज केसों व पीड़ितों को दी जा रही आर्थिक सहायता की समीक्षा की। बैठक में डीएसपी राजबीर सिंह, जिला न्यायवादी विनोद कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुमित्रा देवी, जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार सहित कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिले में दर्ज हुए मामलों की जांच में तेजी लाएं, जिससे पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाकर आर्थिक सहायता दी जा सके। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि पुलिस जांच लंबित न रहे और एक तय समय में मामलों की जांच की जाए।
फोटो कैप्शन: 01
