पंचायत घरों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में सभी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
हिसार,
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुभाष चन्द्र ने अधिकारियों को ग्रे वाटर मैनेजमेंट के कार्यों में तेजी लाने और गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ग्रे वाटर मैनेजमेंट और स्वच्छ सेवा आकलन को लेकर शुक्रवार को आयोजित समीक्षा की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि गांवों में गंदे पानी के उचित प्रबंधन, ठोस कचरे के निस्तारण और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि गांवों को बीमारियों से मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें। अधिकारियों को संबंधित कार्यों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रखते हुए निर्धारित नीति के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ डॉ. सुभाष चन्द्र ने कहा कि प्रत्येक गांव में चल रहे विकास कार्यों और परियोजनाओं का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। गांव की सभी परिसंपत्तियों की जानकारी के आधार पर भविष्य की विकास योजनाएं तैयार की जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ सेवा आकलन के तहत सभी ग्राम सचिवों को 31 अक्टूबर 2026 तक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट भरना अनिवार्य है। रिपोर्ट में ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी, जिसका सत्यापन ओटीपी के माध्यम से किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सभी पंचायत घरों, आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। बैठक में स्वच्छता के आदर्श मानकों, ठोस कचरा प्रबंधन, ओडीएफ प्लस पंचायतों और संबंधित यूजर मैनुअल के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना और ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करना है।
