हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखकर वायु प्रदूषण पर लगाएं प्रभावी रोक : डीसी
औद्योगिक प्रदूषण, सड़क की धूल, वाहनों के उत्सर्जन, कचरा व पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए विभाग तैयार करें विशेष कार्ययोजना
झज्जर, 8 अक्टूबर।
एनसीआर क्षेत्र में शामिल झज्जर जिले में संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के प्रभावी क्रियान्वयन और वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने निगरानी एवं प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करें।
प्रदूषण नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि संशोधित ग्रेप के प्रावधानों की जिला में प्रभावी ढंग से पालना सुनिश्चित की जाए। चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखते हुए प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण, डीजल जनरेटर सेट, सड़क की धूल, वाहनों के उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाने, अवैध डंपिंग, धान की पराली एवं फसल अवशेष जलाने तथा निर्माण एवं सीएंडडी गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए।
सड़क की धूल और वाहनों के प्रदूषण पर रहे विशेष फोकस
डीसी ने सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल एवं वैक्यूम स्वीपिंग के साथ आवश्यकतानुसार पानी के छिड़काव की व्यवस्था प्रभावी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों एवं अन्य गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।
अवैध आरएमसी व एचएमपी इकाइयों पर कार्रवाई के निर्देश
औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण की समीक्षा करते हुए डीसी ने पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध आरएमसी एवं एचएमपी इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने तथा अवैध अथवा बंद इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। खुले स्थानों पर औद्योगिक, ठोस एवं निर्माण अपशिष्ट की अवैध डंपिंग को रोकने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
पराली जलाने की घटनाओं पर रोक को लेकर फील्ड निगरानी बढ़ाएं
डीसी ने धान की पराली एवं फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
बहादुरगढ़ के चिन्हित गांवों में विशेष निगरानी
डीसी ने बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव परनाला, बामनोली, लडरावन, कसार, मुकुंदपुर, खैरपुर, कानोंदा और गुभाना सहित चिन्हित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण गतिविधियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने खाली प्लॉटों, सड़कों के किनारे और खुले स्थानों पर पड़े कचरे एवं निर्माण अपशिष्ट को हटाने की कार्रवाई की भी समीक्षा की।
आम जनभागीदारी से ही प्रभावी होगा प्रदूषण नियंत्रण
डीसी वर्षा खांगवाल ने ग्रेप के प्रावधानों, पराली व कचरा जलाने से होने वाले नुकसान, सड़क की धूल नियंत्रण, पीयूसी की आवश्यकता तथा प्रदूषण संबंधी शिकायत दर्ज कराने के माध्यमों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी के बिना वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
