दिव्यांग विद्यार्थियों की प्रतिभा और हुनर ने दिवाली प्रदर्शनी में बिखेरे रंग
विद्यार्थियों के हुनर को प्रोत्साहित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में समाज निभाए सक्रिय भूमिका:- उपायुक्त सतबीर सिंह
गाय के गोबर से बने पर्यावरण अनुकूल दीये और आकर्षक मोमबत्तियां बनीं विशेष आकर्षण
रोहतक, 7 नवंबर।
हरियाणा दिव्यांगजन वेलफेयर सोसाइटी, पंचकूला द्वारा संचालित श्रवण व्यस्क मानसिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, रोहतक में प्रकाश पर्व दिवाली के उपलक्ष्य में विशेष दिवाली प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में केंद्र के विशेष विद्यार्थियों द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई आकर्षक कलाकृतियों एवं विभिन्न सजावटी उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और हुनर ने प्रदर्शनी में पहुंचे लोगों का मन मोह लिया। प्रदर्शनी में ग्लास जेल कैंडल्स, वैक्स फ्लावर बुके, सजावटी वास, मोमबत्तियां, वैक्स एवं जेल दीये तथा विशेष रूप से गाय के गोबर से तैयार किए गए बायोडिग्रेडेबल दीये आकर्षण का केंद्र रहे। पर्यावरण अनुकूल इन दीयों की लोगों ने खूब सराहना की और इन्हें खरीदने में विशेष रुचि दिखाई। प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों एवं शहरवासियों ने विद्यार्थियों के हुनर की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
विशेष विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी:- उपायुक्त
उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि दिव्यांग बच्चों में प्रतिभा और रचनात्मकता की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग उपलब्ध करवाने की है। ऐसे आयोजन इन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
सतबीर सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्राथमिकता दे और उनके हुनर को प्रोत्साहित करे। स्थानीय स्तर पर इनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाना तथा इन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि त्योहारों को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का माध्यम बनाएं, ताकि हर व्यक्ति के जीवन में खुशियों का प्रकाश पहुंचे।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री से उनके चेहरों पर खुशी, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की झलक साफ दिखाई दी। यह आयोजन केवल उत्पादों की बिक्री का माध्यम नहीं, बल्कि विशेष विद्यार्थियों के स्वावलंबन, सम्मान और सामाजिक सहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
संस्था की प्राचार्या डॉ. डिंपल महतानी ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि हमारी छोटी-सी पहल और सहयोग इन बच्चों के जीवन में बड़े अवसरों की नींव बन सकता है। जब समाज इनके प्रयासों को अपनाता है तो इनका मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने सभी से सेवा, सहयोग और साथ के दीप जलाकर दिवाली मनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी रेणु सिसोदिया ने सभी को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए प्रदूषण रहित एवं सुरक्षित दिवाली मनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या ने संस्था के स्टाफ, सहयोगियों, अभिभावकों एवं प्रदर्शनी में पहुंचे नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
