करनाल में सीनियर सिटीजन कार्ड के नाम पर साइबर ठगी:दंपती से 1.26 लाख हड़पे, ऑनलाइन फॉर्म भरते ही खाते से गायब हुए रुपए
करनाल के मॉडल टाउन में एक महिला के नाम सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने और इसके जरिए मेडिकल सुविधाएं दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने महिला और उसके पति से बैंक खाते की जानकारी व दस्तावेज हासिल किए।
इसके बाद वॉट्सऐप पर एक फॉर्म भेजकर उसे भरने और ओके करने के लिए कहा। फॉर्म की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अलग-अलग लेनदेन के जरिए बैंक खातों से कुल 1 लाख 25 हजार 900 रुपए निकाल लिए गए। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। जिसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनजान नंबर से आया था फोन पुलिस को दी शिकायत में राकेश शेली ने बताया कि कल उनकी पत्नी नीना शेली के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि नीना शेली का सीनियर सिटीजन कार्ड बनाया जाएगा।
इससे उन्हें मेडिकल समेत अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। कॉलर की बातों में आकर राकेश शेली ने अपने बैंक खाते की जानकारी और जरूरी दस्तावेज आरोपियों को भेज दिए। इसके बाद आरोपियों ने नीना शेली के वॉट्सऐप पर एक फॉर्म भेजा और उसे भरने के बाद ओके करने के लिए कहा।
दो बैंक खातों से निकाली रकम फॉर्म की प्रक्रिया के बाद राकेश शेली के पंजाब नेशनल बैंक खाते से 4 ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकली। इनमें 4 हजार 900 रुपए, 5 हजार रुपए और दो बार 10-10 हजार रुपए शामिल हैं। वहीं पंजाब एंड सिंध बैंक, मॉडल टाउन करनाल के खाते से 48-48 हजार रुपए रुपए के दो लेनदेन किए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 1 लाख 25 हजार 900 रुपए की ठगी कर ली। शिकायतकर्ता ने बताया कि ठगी होने के बाद उसने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
जीरो एफआईआर के आधार पर करनाल में केस मामला नोडल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, पंचकूला, हरियाणा से जीरो एफआईआर के रूप में करनाल साइबर क्राइम थाना पहुंचा। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी का पाया।
पुलिस ने बीती रात को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई देवेंद्र को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान और ठगी की रकम से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है।
