कांग्रेस CWC मेंबर यशोमति ठाकुर ने की समीक्षा:आज सिरसा विधानसभा के नेताओं से करेंगी बैठक
सिरसा में कांग्रेस पार्टी संगठन में गुटबाजी के चलते कांग्रेस सीडब्ल्यूसी मेंबर ने जिले की 4 विधानसभा की मीटिंग कर ली है। यहां के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से मीटिंग कर ली है। आज शुक्रवार को सिरसा विधानसभा की मीटिंग होनी है। उसके बाद कमेटी वर्करों एवं नेताओं से रिव्यू की रिपोर्ट ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) को भेजेगी।
सीडब्ल्यूसी मेंबर यशोमति ठाकुर ने मीडिया को दिए बयान में कहा, हमने 4 विधानसभा में वर्करों एवं नेताओं के साथ मीटिंग हो चुकी है। अब सिर्फ सिरसा विधानसभा बाकी है, जिसकी शुक्रवार को मीटिंग होनी है। सभी के साथ बातें हुई है और सीनियर नेताओं के साथ वन टू वन बातचीत की है। पूरी रिपोर्टिंग के बाद एआईसी को भेजी जाएगी।
सिरसा में जिला प्रधान से पहले कालांवाली में भी कांग्रेस नेताओं ने सिख प्रतिनिधि की मांग उठ चुकी है। अब जिला प्रधान भी सिख समाज से बनाने की मांग रानियां हलके के लोगों ने पार्टी से की है। इस कमेटी के आने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बदलाव पर चर्चाएं तेज हो गई है।
सिख प्रतिनिधि पर कहा, जो सुना है, वो पार्टी को बताऊंगी
यशोमति ठाकुर ने कहा, संगठनात्मक कुछ बदलाव होंगे या मजबूती लानी होंगी। इसी पर पार्टी वर्करों के साथ चर्चा हुई है। पार्टी गुटबाजी को लेकर उन्होंने कहा कि अगर किसी को निगेटिव देखना है तो वो निगेटिव ही दिखेगा। रानियां की सीट अगली बार कांग्रेस अवश्य जीतेगी।
सिरसा में सिख समाज बाहुल्य होने पर कहा, हर प्रतिनिधि और सभी को मौका मिलना चाहिए। मैंने जो देखा है, सुना है, वो पार्टी को बताऊंगी। निर्णय एआईसी का होगा। बहुत कम वोटों के अंतर से हारने के बाद बहुत सारे नाम रख रहे हो।
नेताओं से वन टून वन की मीटिंग
सीडब्ल्यूसी मेंबर एवं पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर और गुहला-चीका से विधायक देवेंद्र हंस ने सिरसा में पार्टी के सीनियर नेताओं और वर्करों के साथ अलग से वन टू वन मीटिंग की है। सिरसा पहुंचने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल और सीनियर नेता राजकुमार शर्मा ने मेंबरों का अलग-अलग बुके भेंट कर सम्मानित किया।
यशोमति ठाकुर ने मीडिया को दिए बयान में कहा, कांग्रेस के जो नेता व वर्कर है, उनकी बात सुनने के लिए आए हैं। संगठन सृजन में हम पूरे जिले में रहेंगे। उनसे बात करेंगे और जानेंगे कि पार्टी को किस तरह मजबूत किया जाए। सिरसा में विधानसभा-लोकसभा में अच्छा रिजल्ट रहा है, 2 विधानसभा में हार का अंतर बहुत कम रहा है।
