SIR को लेकर बीएलओ को मिले सख्त निर्देश, निर्धारित स्थानों पर बैठकर मतदाताओं से लें फार्म

 
SIR को लेकर बीएलओ को मिले सख्त निर्देश, निर्धारित स्थानों पर बैठकर मतदाताओं से लें फार्म

झज्जर | भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी सक्रियता के साथ जारी है। मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए चल रहे इस अभियान के तहत पात्र नागरिक अब 30 सितंबर तक अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। यह जानकारी डीसी वर्षा खांगवाल ने दी। उन्होंने सभी बीएलओ को निर्देश दिए कि वे निर्धारित स्थानों पर बैठकर नागरिकों से दावे, आपत्ति से संबंधित फार्म प्राप्त करें। नागरिकों से प्राप्त दावे-आपत्तियों का निपटान 28 अक्टूबर तक किया जाएगा और 6 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। सभी बीएलओ प्रैक्टिकल अप्रोच लेकर एसआईआर से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान कराएं।
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने जिलावासियों से अपील की कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना तथा परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम और विवरण अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना निष्पक्ष एवं मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है।


गलती है तो फॉर्म-8 भरें


डीसी ने बताया कि प्रारंभिक मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पात्र नागरिक फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने के लिए दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। वहीं नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरण में त्रुटि होने पर फॉर्म-8 के जरिए संशोधन कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति किसी कारण वोट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं ,इस तरह की स्थिति में बीएलओ ऑफ़लाइन आवेदन प्राप्त करना सुनिश्चित करें।


नाम हटाने के लिए फॉर्म-7


डीसी ने बताया कि मृत, अपात्र, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा अन्य स्थान पर पंजीकृत मतदाता का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। दावे एवं आपत्तियां संबंधित ईआरओ/एईआरओ कार्यालयों, बीएलओ के माध्यम से अथवा ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकती हैं।


बीएलओ से लें सहायता


डीसी ने कहा कि मतदाता सूची अथवा एसआईआर अभियान से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए नागरिक अपने क्षेत्र के बीएलओ, ईआरओ या एईआरओ से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर भी सहायता ली जा सकती है।उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि 30 सितंबर की अंतिम तिथि का इंतजार न करें, बल्कि अभी अपनी और परिवार के पात्र सदस्यों की प्रविष्टियां जांच कर आवश्यक होने पर समय रहते दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।