सिरसा, 15 सितंबर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गांव माधोसिंघाना में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय खंड स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य विषय शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों में विकास संबंधी देरी की शीघ्र पहचान रहा।
सुपरवाइजर सुष्मिता ने बताया कि इस प्रशिक्षण में खंड की पचास आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को बच्चों में होने वाले शारीरिक, मानसिक, बोलने और सामाजिक विकास में देरी के शुरुआती लक्षणों को पहचानने में सक्षम बनाना था, ताकि समय पर सहायता देकर बच्चे के भविष्य को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रोजाना बच्चों से मिलती है, इसलिए उसकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने उम्र के अनुसार खतरे के निशानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जैसे - नौ महीने तक न बैठना, अठारह महीने तक न चलना, सोलह महीने तक एक भी शब्द न बोलना, नाम पुकारने पर कोई प्रतिक्रिया न देना और आँख न मिलाना। उन्होंने देखो-पूछो-भेजो के तीन चरण वाले तरीके के बारे में बताया। किसी भी देरी की आशंका होने पर बच्चे को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और नागरिक अस्पताल सिरसा में भेजने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि जल्दी पहचान से ही जल्दी समाधान संभव है और इसी से बच्चों को मुख्यधारा में लाया जा सकता है। सभी कार्यकर्ताओं को अपनी दैनिक डायरी में भेजे गए मामलों का ब्योरा दर्ज करने और मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने हर बच्चे की समय पर जांच करने और उसकी रिपोर्ट करने का संकल्प लिया।
